BS Emission Norms : क्या आप जानते है गाड़ियों के भारत स्टेज मानदंड के बारे में नहीं तो यहाँ जानिए ?

 
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आपने इन दिनों में यह जरूर सुना होगा कि सरकार BSIII और BSIV वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगा रही है। ऐसा बढ़ते हुए वायु प्रदूषण को ध्यान में रखकर के किया जा रहा है। हाल ही में BS-3 और BS-4 के ऊपर चर्चा हुई है। लेकिन इससे पहले भारत में BSI, BSII वाली गाड़ियों का चलन भी था।

अब भारत स्टेज क्या है और किस आधार पर गाड़ियों में भारत स्टेज चरण तय किए जाते है ? इस समस्या का हल करने के लिए आज हम आपको इससे विस्तार से बताने जा रहे है। अगली बार जब भी आप अपनी गाड़ियों को सड़को पर निकालते है तो आपको इस बात को जानकारी अवश्य होनी चाहिए कि आपकी गाड़ी किस स्टेज में आती है। 

क्या होता है Bharat Stage?
2000 में इंजन से निकलने वाले वायु प्रदूषण को देखने के लिए Bharat Stage Emission Standards कि शुरुआत की गयी है। इससे भारत में वन और पर्यावरण मंत्रालय और जलवायु परिवर्तन के तहत शुरू किया गया है। इसमें कई संशोधन होने के बाद में इसका छठा स्टेज लाया गया है। भारत स्टेज उत्सर्जन मानक यूरोपीय मानदंडों पर आधारित हैं, जिन्हें आमतौर पर 'यूरो 2', 'यूरो 3' जैसे नाम से लाया गया है।

भारत में स्टेज के विभिन्न स्तर
सबसे पहला भारत स्टेज उत्सर्जन मानक 1 अप्रैल, 2000 को लाया गया था , जो की यूरो मानक पर आधारित है। इसके बाद 2001 में भारत में स्टेज II (BSII), 2005 में BSIII, 2017 में BS-4 और 1 अप्रैल, 2020 में BS-6 लाया गया था।भारत स्टेज के तहत विभिन्न स्तरों को लेन के साथ साथ स्तर पर गाड़ियों के लिए कुछ मानदंडों को भी तय किया गया है। इसके बारे में विस्तार से चर्चा की गयी है। 

भारत स्टेज-I (BSI)
भारत स्टेज -1 देश का पहला उत्सर्जन मानदंड था जिसे यूरोपीय मांगों के संदर्भ में 2020 में लाया गया था इस मानदंड के तहत और गाड़ियों को शामिल किया गया था जो 2 पॉइंट 72 ग्राम/ किमी कार्बन मोनोऑक्साइड सर्जन और जीरो पॉइंट 97 ग्राम प्रति किमी हाइड्रोकार्बन और नाइट्रोजन का उतसर्जन करती हैं.

भारत स्टेज-II (BSII)
 साल 2001 से 2010 के बीच निकलने वाली गाड़ियां भारत स्टेज सेकंड के तहत आती है। इस स्टेज में उत्सर्जन मानदंड को बढ़ाकर कार्बन मोनो ऑक्साइड उत्सर्जन 2.2 ग्राम प्रति किमी हाइड्रोकार्बन और नाइट्रोजन ऑक्साइड 0.50 ग्राम की में कर दिया गया था। साथ ही ईंधन में सल्फर की मात्रा को 500 पीएम तक सीमित कर दिया गया था। 

भारत स्टेज-II (BSII)
भारत स्टेज 3 के दौरान ही प्रदूषण के बढ़ते मामलों को देखते हुए बनने वाले वाहनों के लिए 2005 में भारत स्टेज 3 लाया गया। यह स्टेज भी 2010 तक चलाओ विश्व में कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जन की दर 2.3 ग्राम प्रति किमी हाइड्रोकार्बन और नाइट्रोजन ऑक्साइड 0.35 ग्राम किमी डिस्चार्ज और रेस्पिरेबल सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर डिस्चार्ज 0.05 कर दिया गया था।

भारत स्टेज-IV (BSIV)
BSIV (BS-4) मानदंड को अप्रैल 2017 में लाया गया था। इसमें पेट्रोल से चलने वाले यात्री वाहनों में 1.0 ग्राम/किमी के कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जन, 0.18 ग्राम/किमी के हाइड्रो कार्बन+नाइट्रोजन ऑक्साइड और डीजल वाले वाहनों में 0.50 ग्राम/किमी का चरम कार्बन मोनोऑक्साइड, 0.25 ग्राम/किमी का नाइट्रस ऑक्साइड और 0.30 ग्राम/किमी का हाइड्रो कार्बन + नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जन स्तर को तय किया गया था। also read ऑटो एक्सपो 2023 : इस साल मारुती सुजुकी टाटा पंच इलेक्ट्रिक EV से उठ सकता है पर्दा