कार कंपनियों के अच्छे दिन: इस साल बिक सकते है रिकॉर्ड 35.5 लाख व्हीकल्स कच्चे माल के दाम में 20 % तक कमी

 
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लंबे समय के इंतजार के बाद कच्चे माल के दामों में कमी से इस साल देश की ऑटो इंडस्ट्री के अच्छे दिन वापस लौटने की उम्मीदें बढ़ गई है अनुमान लगाया जा रहा है की इस साल कारों की रिकॉर्ड बिक्री होगी इसका फायदा खरीदारों को डिस्काउंट या ऑफर्स के रूप में मिल सकता है 

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पिछले 3 सालों में देश की ऑटो इंडस्ट्री को लॉकडाउन कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि सप्लाई चैन की परेशानी सेमीकंडक्टर और अन्य कॉम्पोनेन्ट की कमी महंगे फ्यूल जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ा है अब पिछले महीने स्टील एल्युमिनियम कॉपर पैलेडियम की कीमतों में 10 -20 % की कमी आई है कार को बनाने में 70 % हिस्सेदारी इन्हीं धातुओं में होती है इनकी कीमत कम होने से उत्पादन का ग्रॉस मार्जिन बढ़ने की उम्मीद है 
सेमीकंडक्टर की कमी भी काफी हद तक दूर हो गई है दूसरी तरफ देश में कारों का बैकलॉग 6 लाख से ज्यादा है इसमें से आधा अकेले मारुती सुजुकी का है ऐसे में कार कंपनियों के सामने मांग की भी कोई परेशानी नहीं है पेट्रोल डीजल पर एक्साइज घटने से इनकी कीमतों में कमी आई है 

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मारुती सुजुकी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर शशांक श्रीवास्तव ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा की पैसेंजर कारों की बिक्री के लिए यह साल ऐतिहासिक रहने की उम्मीद है 2017-18 के 32.8 लाख कारों  की बिक्री के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए इस साल 33.5-35.5 लाख कारें बीक सकती है हालाँकि कीमत में कमी की कोई आशा नहीं है 
ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट संजीव गर्ग कहते है सप्लाई की कमी और चिप संकट वही धीरे -धीरे खत्म हो रहा है व्हीकल्स की कीमतों में कमी की संभावना भले नहीं है लेकिन कंपनियों ऑफर्स और डिस्काउंट के द्वारा कस्टमर्स को फायदा देने को कोशिश जरूर करेंगी