Cash Limit On Home: आज के डिजिटल युग में मोबाइल फोन हर व्यक्ति के जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है. बच्चे हों या बड़े, हर किसी के हाथ में एक स्मार्टफोन देखना आम बात है. यह सिर्फ संवाद का माध्यम नहीं रह गया है बल्कि इसका उपयोग विभिन्न रूपों में होता है जैसे कि वीडियो देखना, खरीददारी करना, ऑनलाइन भुगतान करना और बहुत कुछ.
मोबाइल द्वारा लेन-देन का बढ़ता चलन
आजकल, मोबाइल के माध्यम से वित्तीय लेन-देन आम हो गया है. लोग छोटी से छोटी खरीद पर भी ऑनलाइन भुगतान करना पसंद करते हैं. यह न केवल सुविधाजनक है बल्कि तेज और सुरक्षित भी माना जाता है.
आयकर विभाग के नियम और घर में कैश रखने की सीमा
बावजूद इसके, आयकर विभाग की नजरों में बड़ी राशियों का लेनदेन अक्सर आता है. भारत में किसी भी व्यक्ति के पास घर में जितनी भी नगदी रखने की कोई सीमा नहीं है, लेकिन यह आवश्यक है कि नगदी का स्रोत स्पष्ट हो. यदि आयकर विभाग का छापा पड़ता है और घर में कैश मिलता है, तो उसका पूरा हिसाब-किताब और स्रोत दिखाना अनिवार्य है.
कैश रखने की सामान्य लिमिट और जोखिम
आमतौर पर, लोग बड़ी मात्रा में नगदी घर में नहीं रखते क्योंकि इससे कई तरह के जोखिम जुड़े होते हैं. ज्यादातर लोग बैंक में पैसा रखना सुरक्षित समझते हैं, जहां उनका पैसा न केवल सुरक्षित रहता है, बल्कि उस पर कुछ ब्याज भी मिलता है.