राजस्थान सरकार ने एक बड़ी पहल करते हुए प्रदेश के बड़े शहरों में 1 हजार इलेक्ट्रिक बसों को संचालित करने की योजना आरंभ की है. इस पहल के तहत, सरकार का उद्देश्य प्रदेश को प्रदूषण मुक्त करना है, जिससे न केवल पर्यावरण की सुरक्षा होगी बल्कि जनता को आने जाने में सुविधा भी मिलेगी.
मुख्यमंत्री का संदेश
हाल ही में जयपुर में आयोजित पांचवें स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस योजना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ‘मिशन हरिया’ के अंतर्गत अगले 5 सालों में प्रदेश में 4000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा जिससे प्रदेश की हवा को साफ करने में मदद मिलेगी.
वायु प्रदूषण पर नियंत्रण
राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए नई तकनीकी स्थापित कर रहा है. इसमें मोबाइल वैन और निगरानी स्टेशनों का समावेश होगा जो कि समय-समय पर वायु की गुणवत्ता का डाटा एकत्रित करेगी और उसे प्रबंधित करेगी.
ई-बसों की सुविधाएं
नई इलेक्ट्रिक बसें न केवल पर्यावरण के अनुकूल होंगी, बल्कि ये बसें यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा मिलेगी. इन बसों में आधुनिक सुविधाएँ और नई तकनीकी लागू की गई हैं जिससे यात्रा के दौरान समय और किराया दोनों की बचत होगी.
समय की बचत और अधिक सुविधाएँ
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जहां एक ओर पर्यावरण को लाभ होगा वहीं यात्री समय की बचत भी कर सकेंगे. इन बसों के नियमित अंतराल पर संचालन से यात्रियों को बस का इंतजार कम करना पड़ेगा और वे अधिक तेजी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे.