Counrties Without Airports: दुनिया के अधिकांश देशों में हवाई अड्डे मौजूद हैं जो यात्रियों को तेज़ यात्रा की सुविधा देते हैं. लेकिन वेटिकन सिटी, मोनाको, सैन मारिनो, लिकटेंस्टीन और एंडोरा जैसे पांच यूरोपीय माइक्रोस्टेट्स ऐसे देश हैं. जहां एक भी एयरपोर्ट मौजूद नहीं है. इसके पीछे कारण हैं – छोटा भौगोलिक आकार, घनी आबादी और पहाड़ी भू-रचना. फिर भी ये देश अपनी संस्कृति, इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता के लिए पर्यटकों में बेहद लोकप्रिय हैं.
वेटिकन सिटी
दुनिया का सबसे छोटा देश वेटिकन सिटी केवल 44 हेक्टेयर में फैला है. यह रोम (इटली) के बीचों-बीच स्थित है और कैथोलिक धर्म का प्रमुख केंद्र है. यहां सेंट पीटर्स बेसिलिका और सिस्टिन चैपल जैसे स्थल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. वेटिकन में कोई एयरपोर्ट नहीं है. लेकिन रोम का फिउमिसिनो एयरपोर्ट (FCO) सिर्फ 30 किलोमीटर दूर है. जहां से ट्रेन, टैक्सी या बस के माध्यम से आसानी से पहुंचा जा सकता है.
मोनाको
मोनाको केवल 2 वर्ग किलोमीटर में बसा दुनिया का सबसे घनी आबादी वाला देश है, जो ग्रैंड प्रिक्स रेस, कैसिनो और याट क्लब्स के लिए जाना जाता है. एयरपोर्ट न होने के बावजूद यह देश फ्रांस के नीस एयरपोर्ट (NCE) से केवल 30 किलोमीटर दूर है. वहां से कार, ट्रेन या हेलीकॉप्टर से 30 मिनट में पहुंचा जा सकता है.
सैन मारिनो
61 वर्ग किलोमीटर में फैला यह देश इटली से घिरा हुआ है और खुद को दुनिया का सबसे पुराना गणराज्य मानता है. यहां माउंट टिटानो और यूनेस्को हेरिटेज साइट्स प्रमुख आकर्षण हैं. सैन मारिनो का नजदीकी एयरपोर्ट रिमिनी का फेडेरिको फेलिनी एयरपोर्ट (RMI) है जो 20 किमी दूर है. यहां से टूरिस्ट कार या बस से पहुंच सकते हैं.
लिकटेंस्टीन
160 वर्ग किलोमीटर में फैला यह देश अपनी आल्प्स की वादियों और मध्यकालीन किलों के लिए जाना जाता है. यहां भी एयरपोर्ट नहीं है लेकिन ज्यूरिख एयरपोर्ट (ZRH) स्विट्जरलैंड में 130 किलोमीटर दूर स्थित है. वहां से ट्रेन द्वारा सार्गन्स या बुक्स तक जाकर फिर बस या कार से 1-1.5 घंटे में लिकटेंस्टीन पहुंचा जा सकता है.
एंडोरा
468 वर्ग किलोमीटर में फैला एंडोरा, फ्रांस और स्पेन के बीच स्थित है और स्की रिसॉर्ट्स, ट्रेकिंग और टैक्स-फ्री शॉपिंग के लिए जाना जाता है. एयरपोर्ट के लिए यहां की बीहड़ पहाड़ियां बाधा बनती हैं. सबसे नजदीकी एयरपोर्ट एंडोरा-ला सेउ डी’उर्गेल (LEU) है, जो 26 किमी दूर स्पेन में है. साथ ही बार्सिलोना और टूलूज़ एयरपोर्ट से भी कार द्वारा तीन घंटे में यहां पहुंचा जा सकता है.
एयरपोर्ट न होने के पीछे क्या हैं कारण?
इन देशों में एयरपोर्ट न होने की सबसे बड़ी वजह उनका छोटा आकार, ऊंची पहाड़ियां और भौगोलिक सीमाएं हैं. वेटिकन और मोनाको इतने छोटे हैं कि रनवे के लिए जगह ही नहीं है. जबकि एंडोरा और लिकटेंस्टीन जैसे पहाड़ी इलाकों में हवाई अड्डा बनाना जोखिमभरा और असंभव माना जाता है.
फिर भी कैसे पहुंचते हैं लाखों पर्यटक?
इन देशों तक पहुंचने के लिए नजदीकी बड़े शहरों के एयरपोर्ट्स से बस, टैक्सी, ट्रेन और हेलीकॉप्टर का विकल्प है. उदाहरण के लिए – वेटिकन के लिए रोम से मेट्रो, मोनाको के लिए नीस से हाई-स्पीड ट्रेन, सैन मारिनो के लिए रिमिनी से बस और एंडोरा के लिए बार्सिलोना या टूलूज़ से कार सेवाएं उपलब्ध हैं.
हेलीपोर्ट्स ने बढ़ाई सुविधा
हालांकि यहां एयरपोर्ट नहीं हैं. लेकिन हेलीपोर्ट्स की सुविधा इन देशों की कनेक्टिविटी को बनाए रखती है.
- वेटिकन में – वेटिकन सिटी हेलीपोर्ट
- मोनाको में – फॉन्टविएल हेलीपोर्ट
- सैन मारिनो में – बोर्गो मेजोर हेलीपोर्ट
- लिकटेंस्टीन में – बाल्जर्स हेलीपोर्ट
- एंडोरा में – ला मस्साना, अरिन्सल, और एस्काल्डेस-एंगॉर्डनी हेलीपोर्ट
टूरिज्म पर नहीं पड़ा एयरपोर्ट की कमी का असर
इन देशों का बिना एयरपोर्ट होने के बावजूद टूरिज्म मजबूत है. हर साल लाखों लोग यहां केवल सड़क या ट्रेन से सफर कर इनकी धार्मिक, ऐतिहासिक, प्राकृतिक और लग्जरी खूबियों का आनंद उठाते हैं. अच्छी सड़क और रेल कनेक्टिविटी ने इन्हें दुनिया के सबसे आकर्षक टूरिज्म हब में शामिल किया है.