पहले बच्चों को हवाई चप्पल या सैंडल पहनाया जाता था, आजकल हर जगह बच्चे क्रॉक्स पहने नजर आ रहे है, नए जमाने के बच्चों के लिए क्रॉक्स पहली पसंद बन चुका है, इसका यूनिक डिजाइन बच्चों को बेहद आकर्षित करता है, लेकिन क्या यह बच्चों के लिए सही है, या नहीं जानें डॉक्टर क्या कहते है
पहले बच्चों को हवाई चप्पल या सैंडल पहनाया जाता था, आजकल हर जगह बच्चे क्रॉक्स पहने नजर आ रहे है, नए जमाने के बच्चों के लिए क्रॉक्स पहली पसंद बन चुका है, इसका यूनिक डिजाइन बच्चों को बेहद आकर्षित करता है, कई माँ -बाप भी अपने बच्चों को स्टाइलिश दिखाने के चक्कर में 2 से 4 साल के बच्चों को भी क्रॉक्स ही पहना रहे है।
बच्चों को क्यों नहीं पहनानी चाहिए क्रॉक्स
एक्सपर्ट्स बताते है की क्रॉक्स में आर्च सपोर्ट की कमी यानी पैरों के आर्क हिस्से को सहारा देने की क्षमता कम होती है, छोटे बच्चों के पैर अभी विकसित हो रही होती है, और उन्हें सही सपोर्ट की जरुरत होती है, ताकि उनका पैर सही तरह टिके और सही दिशा में बढे, बिना सपोर्ट वाले जूते बच्चों में फ्लैट फुट या पांव में दर्द जैसी समस्याएं बढ़ा सकते है।
क्रॉक्स पर क्या बोले डॉक्टर
डॉक्टर बताते है, की क्रॉक्स को कभी -कभार पहनने में कोई दिक्क्त नहीं है, लेकिन हमेशा ऐसा करना जोखिम भरा हो सकता है, अगर बात बच्चों की करे तो माँ -बाप को चाहिए की बच्चों को अच्छे ग्रिप वाले चप्पल पहनाएं इससे बच्चे को परेशानी से बचाव होगा।
संक्रमण का जोखिम
क्रॉक्स के रबर जैसे मटीरियल पैरों में पसीने बढ़ा सकते है, खासकर गर्मियों में इससे बैक्टीरया पनपने का खतरा रहता है, जिससे फंगल संक्रमण, जैसी समस्याएं हो सकती है, क्रॉक्स में बैक स्ट्रैप होता है, जिसके कारण एड़ी फिसल सकती है, पैर को इसमें टिकाए रखने के लिए उँगलियों को मोड़ना पड़ता है, इससे थकान और पैरों में दिक्क्त आ सकती है।