DA Hike – महंगाई भत्ते को लेकर लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने अपने महत्तवपूर्ण फैसले में कर्मचारियों को बकाया महंगाई भत्ता देने का आदेश दिया है। इस फैसले से लाखों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके आर्थिक हालात में सुधार की उम्मीद है… कोर्ट की ओर से आए इस फैसले को विस्तार से जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-
उच्चतम न्यायालय ने कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों (West Bengal Government employees) को महंगाई भत्ता मिलना उनका लोकतांत्रिक अधिकार (democratic rights) है। कोर्ट ने 2008 से 2019 तक का 100 प्रतिशत बकाया डीए देने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति संजय करोल (Justice Sanjay Karol) की अध्यक्षता वाली पीठ ने तुरंत 25 प्रतिशत डीए भुगतान का आदेश दिया है। शेष 75 प्रतिशत भुगतान के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।
यह समिति महंगाई भत्ते को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार (West Bengal government) से बातचीत करेगी। शेष 75 प्रतिशत डीए किस मद में, कितनी राशि और कितनी किश्तों में दिया जाएगा, इस पर 6 मार्च तक फैसला लेना होगा। समिति 15 अप्रैल को उच्चतम न्यायालय में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसमें बैठकों का विवरण और राज्य सरकार द्वारा भुगतान शुरू करने की जानकारी शामिल होगी। उल्लेखनीय है कि डीए (dearness allowance) को लेकर राज्य के कर्मचारी लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के साथ यह कानूनी लड़ाई समाप्त हो गई।
नेता प्रतिपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत-
नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले (supreme court decision) का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत ने साफ कर दिया है कि डीए कोई अनुदान नहीं, बल्कि कर्मचारियों का वैधानिक और न्यायसंगत अधिकार है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) बार-बार कहती रही हैं कि डीए कर्मचारियों का अधिकार नहीं है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने इस दावे को खारिज कर दिया है।
अदालत के निर्देश के बाद अब राज्य सरकारी कर्मचारियों को उनके न्यायोचित अधिकार के अनुसार महंगाई भत्ता मिलेगा। उन्होंने कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि वर्षों की प्रतीक्षा और संघर्ष के बाद यह अधिकार हासिल हुआ है। कर्मचारियों ने ट्राइब्यूनल से लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ी, जबकि राज्य सरकार ने बड़े वकीलों की टीम खड़ी कर विरोध किया। इसके बावजूद कर्मचारियों ने धैर्य और न्यायिक व्यवस्था पर भरोसा रखते हुए संघर्ष जारी रखा। यह जीत राज्य के सरकारी कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास की जीत है।
सुप्रीम कोर्ट के 100 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने के आदेश के बाद राज्य सरकारी कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। कोलकाता के शहीद धर्मतल्ला स्थित मीनार मैदान सहित हावड़ा और अन्य इलाकों में कर्मचारियों ने एकत्र होकर एक-दूसरे को गुलाल लगाया और मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया। आंदोलनकारियों ने कहा कि अब उम्मीद है कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले को पूरी तरह लागू करेगी।
कर्मचारियों ने मांग की कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में पिछले 14 वर्षों से खाली पड़े करीब छह लाख पदों को जल्द भरा जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को शीघ्र लागू किया जाएगा और इसके साथ ही रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी।
