DA Merger : केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA hike update) में 2% की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद यह 53% से बढ़कर 55% हो गया है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर क्या यह बेसिक सैलरी में मर्ज होगा या नहीं..? ऐसे में आइए नीचे खबर में जान लेते है इस पर सरकार का रूख-
केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA hike update) में 2% की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद यह 53% से बढ़कर 55% हो गया है। यह बदलाव हर छह महीने में होता है, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में भी वृद्धि होगी। महंगाई भत्ते बढ़ने से हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) जैसे अन्य भत्तों में भी इजाफा होता है, जिससे कर्मचारी आर्थिक रूप से और मजबूत होंगे। (employees latest update)
अगली बढ़ोतरी कब होगी?
महंगाई भत्ते की अगली समीक्षा नवंबर 2025 में होगी, जो जुलाई 2025 से लागू मानी जाएगी। यह सातवें वेतन आयोग (7th pay commission) के तहत आखिरी बढ़ोतरी होगी, क्योंकि 8वां वेतन आयोग जनवरी 2026 से लागू होने वाला है।
क्या DA बेसिक सैलरी में जोड़ा जाएगा?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) को बेसिक सैलरी में जोड़ने का कोई योजना नहीं है। कई कर्मचारी संगठन इस मुद्दे पर मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक इस पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया है। पिछले 5वें वेतन आयोग के दौरान जब DA 50% से अधिक था, तब उसे सैलरी में समाहित किया गया था। हालांकि, 6ठे और 7वें वेतन आयोग में ऐसा नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में चिंता बनी हुई है।
8वें वेतन आयोग में क्या होगा?
अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि 2026 से DA की कैलकुलेशन कैसे होगी। फिलहाल इसका हिसाब ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) के आधार पर लगाया जाता है। लेकिन संभावना है कि नया वेतन आयोग इसे बदल सकता है ताकि महंगाई को बेहतर तरीके से ध्यान में रखा जा सके।
सरकार का क्या कहना है?
हाल ही में राज्यसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी (Minister of State for Finance Pankaj Choudhary) ने कहा कि सरकार DA को सैलरी में शामिल करने की योजना नहीं बना रही। मतलब यह कि कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों तक इंतजार करना होगा। सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों (employees) को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन सैलरी में बड़े बदलाव के लिए अब सबको अगले वेतन आयोग के फैसलों का इंतजार करना पड़ेगा।
