Delhi – दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगले तीन साल में दिल्ली की पूरी सार्वजनिक बस सेवा को इलेक्ट्रिक में बदला जाएगा। इसके लिए सरकार ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और शहर को जल्द ही इतनी इलेक्ट्रिक बसें (electric buses) मिलने वाली हैं…इस अपडेट से जुड़ी पूरी जानकारी जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के विकास और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने पूंजीगत खर्च को दोगुना (capital expenditure doubled) कर दिया है और अब विकास कार्यों पर करीब 30 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि से सड़कों, ट्रांसपोर्ट सिस्टम (transport system) और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री (Chief Minister Rekha Gupta) ने कहा कि अगले तीन वर्षों में दिल्ली की पूरी सार्वजनिक बस सेवा को इलेक्ट्रिक (electric bus service) में बदला जाएगा। इसके लिए जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और राजधानी को कुल 11 हजार इलेक्ट्रिक बसें मिलने वाली हैं।
वहीं, 77वें गणतंत्र दिवस (77th Republic Day) के मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छत्रसाल स्टेडियम से जनता को संबोधित करते हुए अपनी 11 महीने की सरकार का प्रगति रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया।
‘विकसित भारत-2047’ के विजन को आधार बनाकर मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने पिछले 11 महीनों में लंबे समय से अटके कई अहम कामों को आगे बढ़ाया है। तिरंगा फहराने (hoisting the tricolor) के बाद अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में हुए बड़े बदलावों का जिक्र किया और ‘विकसित दिल्ली’ के लिए आगे की कार्ययोजना भी साझा की।
26 जनवरी सिर्फ एक तारीख नहीं, पूर्ण स्वराज का है प्रतीक-
मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 जनवरी सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि भारत के आत्मसम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों और पूर्ण स्वराज (Democratic values and complete independence) के संकल्प का प्रतीक है। तिरंगा हमें विरासत में नहीं, बल्कि अनगिनत बलिदानों से मिला है। उन्होंने 2025-26 को राष्ट्रीय स्मृतियों और प्रेरणा का वर्ष बताते हुए कहा कि इस दौरान श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ, पंडित मदन मोहन मालवीय (Pandit Madan Mohan Malaviya) जी की 165वीं जयंती, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती, ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शहर बार-बार लुटने के बावजूद हर बार और अधिक मजबूती के साथ खड़ा हुआ है। दिल्ली केवल इमारतों का शहर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का प्रतिबिंब है।
मुख्यमंत्री ने गिनाईं 11 महीने की बड़ी उपलब्धियां-
-50 अटल कैंटीन में पांच रुपये में खाना मिलता है। रोजाना 50 हजार लोग भोजन करते हैं।
-दिल्ली के सभी अस्पताल को डिजिटाइज्ड (digitized) किया जा रहा है।
-आयुष्मान भारत योजना से 6.5 लाख लोग जुड़ चुके हैं।
-300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू किए गए हैं।
-चार हजार नए डाक्टरों और पेरामेडिक्स की वैकेंसी (Paramedics Vacancy) निकाली जा रही है।
-शिक्षा बजट 21 फीसदी रखा गया। स्कूल फीस बढ़ाने से रोकने के लिए सरकार बिल लेकर आई।
-1300 करोड़ रुपये से नरेला में एजुकेशन हब का निर्माण किया जा रहा है।
-दिल्ली सरकार अपने खिलाड़ियों को मिलने वाली राशि पूरे देश में सबसे अधिक दे रही हैं।
-ओलंपिक में गोल्ड के लिए 7 करोड़, सिल्वर के लिए 5 करोड़ और ब्रान्ज जीतें वाले को 3 करोड़ देने का फैसला लिया।
-दिल्ली के सभी आइएसबीटी (ISBT) को ठीक किया जाएगा।
-दिल्ली मेट्रो का बजट बढ़ाकर तीन से पांच हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है।
-महिलाओं के साथ ट्रांसजेंडर समुदाय (transgender community) को भी फ्री बस यात्रा के लिए ”पिंक बस कार्ड” दिए जाएंगे।
-सुरक्षा के लिहाज से पूरी दिल्ली में 10 हजार नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
-तिहाड़ जेल को कहीं और हस्तांतरण करने के प्लान पर भी दिल्ली सरकार काम कर रही है।
-दिल्ली के गांव के विकास के लिए 1700 करोड़ खर्च किए गए।
-दिल्ली की झुग्गी बस्तियों में विकास के लिए 700 खर्च किए जा रहे हैं।
-दिल्ली में 10 नई गौशालाएं बनाने का काम किया जा रहा है।
