new link expressway in Delhi : देश की राजधानी दिल्ली में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए सरकार नए लिंक एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी कर रही है। यह एक्सप्रेसवे सफर को आसान और तेज बना देगा। इससे लाखों लोगों को सीधा लाभ होगा। इस नए लिंक एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल से जोड़े जाएगा। चलिए नीचे खबर में जानते हैं विस्तार से –
दिल्ली-NCR के विकास को रफ्तार देने के लिए सरकार कई प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। राजधानी में नई मेट्रो लाइन बनाई जा रही है। आबादी को बेहतर आवासीय सुविधा देने के लिए नए शहर डेवलप किया जा रहे हैं। इसी कड़ी में सरकार ने अब दिल्ली NCR में नए लिंक एक्सप्रेसवे बनाने की घोषणा की है। यह लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के सियान इलाके में गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) के 44.3 किलोमीटर चेनज से शुरू होगा और यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) सेक्टर 21 के पास जाकर कनेक्ट होगा।
56 गांव से गुजरेगा नया लिंक एक्सप्रेसवे –
नया लिंक एक्सप्रेसवे (new link expressway) 56 गांव से होकर गुजरेगा। इसमें गौतम बुद्ध नगर के 8 गांव बुलंदशहर के 48 गांव शामिल है, जिनमें खुर्जा, बुलंदशहर, स्याना और शिकारपुर तहसील के गांव शामिल है। YEIDA क्षेत्र के 16 गांव में लगभग 740 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होगा। इस जमीन को खरीदने के लिए 1246 करोड रुपए की लागत आएगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) की प्रक्रिया को जल्दी शुरू किया जाएगा।
नोएडा मॉडल पर बनेगा नया एक्सप्रेसवे –
यह प्रोजेक्ट नोएडा ग्रेटर नोएडा मॉडल (noida model) पर बनेगा। इस एक्सप्रेसवे की चौड़ाई 130 मीटर होगी, जिसमें 80 मीटर का मुख्य कैरिजवे और दोनों तरफ 25-25 मीटर की सर्विस लाइन बनाई जाएगी। यमुना सिटी के 20 किलोमीटर के हिस्से में 11 किलोमीटर जमीन पर और 9 किलोमीटर एलिवेटेड बनाया जाएगा।
इन सेक्टरों की बढ़ेगी इंटरकनेक्टिविटी –
इस लिंक एक्सप्रेसवे (new link expressway) के बनने से सेक्टरों की इंटरकनेक्ट बेहतर होगी यमुना सिटी के सेक्टर 4, 4A कोरियन, 5 प्राइम रेजिडेंशियल, 5A जापानी 10 इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर, 11 फिनटेक, 21 फिल्म सिटी, 28 सेमीकंडक्टर और 3334 इंडस्ट्रियल सीधे इस लिंक एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होंगे।
नया एक्सप्रेसवे बनने से होंगे ये फायदे –
इस लिंक एक्सप्रेसवे के बनने के बाद लाखों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। कई छोटे शहर बड़े शहरों के साथ कनेक्ट होंगे। इसके अलावा, मेरठ से जेवर एयरपोर्ट, दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi Mumbai Expressway) और आगरा तक गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए यात्रा बेहद आसान हो जाएगी। यह सफर कम समय और सुरक्षित तरीके से पूरा कियाजा सकेगा।
इसके अलावा, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को भी दिल्ली से प्रयागराज तक पहुंचने के लिए सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। औद्योगिक क्षेत्र में कार्गो की आवाजाही काफी आसान हो जाएगी। इससे निवेश और बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। देश की राजधानी दिल्ली की आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों में जबरदस्त तेजी आएगी। इस एक्सप्रेसवे के बनने से आसपास के जिले सीधे दिल्ली के साथ कनेक्ट हो जाएंगे।
यह एक्सप्रेसवे जेवर एयरपोर्ट को प्रयागराज से जोड़ेगा
योगी सरकार ने इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दी है। हाल ही में, सप्लीमेंट्री बजट में 1246 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. लक्ष्य मार्च 2026 तक जमीन अधिग्रहण पूरा करना है। यह लिंक न सिर्फ ट्रांसपोर्टेशन को मजबूत करेगा, बल्कि इस क्षेत्र में रिहायशी और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को भी नई गति देगा. जेवर एयरपोर्ट की उपयोगिता कई गुना बढ़ जाएगी।
ये नया लिंक एक्सप्रेसवे इन एक्सप्रेसवे से होगा कनेक्ट
दिल्ली NCR में इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है। अब, गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला एक नया लिंक एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है. यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का हब बना देगा। आने वाले समय में, NCR और पूर्वांचल के बीच यात्रा और व्यापार में क्रांति आ जाएगी।
एक्सप्रेसवे बनाने में आएगा इतना खर्चा –
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPDA) इस 74.3 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट को पूरा करेगी। अनुमानित लागत लगभग 4000 करोड़ रुपये है. यह लिंक मेरठ, बुलंदशहर और प्रयागराज से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) तक पहुंच को आसान बनाएगा।
