Delhi NCR New Cities : दिल्ली-NCR एक भीड़भाड़ वाला शहर है और यहां पर तेजी से शहरीकरण के चलते एक नई टाउनशिप को बसाने की तैयारी चल रही है। अब जल्द ही दिल्ली-एनसीआर में एक नया शहर बसाया जाने वाला है। दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR New Cities ) में नए शहर की बसावट से लाखों लोगों को लाभ होगा। एनसीआर में ये नई सिटी 4000 हेक्टेयर में डेवलप की जाएगी।
दिल्ली एनसीआर में एक नया शहर बसाए जाने का प्लान तैयार किया गया है। अब एनसीआर जैसे भीड़भाड़ वाले शहर में एक नया शहर बसाया जाने वाला है। दिल्ली एनसीआर में इस नए शहर का डेवलपमेंट (new city development) 4000 हेक्टेयर में किया जाएगा। अब इस नए शहर के बसाए जाने से लोगों का घर खरीदने का सपना पूरा होगा। आइए विस्तार से जानते हैं इस बारे में।
कहां बसाया जाएगा ये नया शहर
जानकारी के लिए बता दें कि यूपी के हाथरस जिले (New Hathras City News) में न्यू हाथरस अर्बन सेंटर बसाने के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। ये नया शहर हाथरस में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे के एरिया में बसाए जाने का प्लान है। इस नए शहर को 4000 हेक्टेयर में बसाया जाएगा और इंडस्ट्री और रेजिडेंशल एरिया तय करने के लिए मास्टरप्लान तैयार किया जाएगा। मास्टरप्लान तैयार करने के लिए तीन कंपनियां आगे आई हैं। कंपनी का चुनाव भी जल्द ही किया जाएगा। बता दें कि यमुना अथॉरिटी (Yamuna Authority) ने फेज-2 के तहत हाथरस में नए शहर को बसाने का प्लान तैयार किया है। यह हिस्सा यमुना एक्सप्रेसवे के पास होने के चलते जरूरी माना जा रहा है।
न्यू हाथरस अर्बन सेंटर के प्लान को लेकर काम
यूपी के हाथरस जिले में बसाए जा रहे न्यू हाथरस अर्बन सेंटर के प्लान (Plans for New Hathras Urban Centre) को लेकर काम आगे बढ़ाया जा रहा है। बता दें कि नए शहर का मास्टर प्लान- 2041 के लिए टेक्निकल बिड जारी कर दी गई थी। अब फाइनेंशियल बिड में जो कंपनी क्वालिफाई होगी, उनको शहर का मास्टर प्लान तैयार करने का मौका दिया जाएगा। मास्टर प्लान तैयार होते ही योजना पर आगे काम शुरू किया जा सकता है।
इन तीनों कंपनियों ने किया क्वालिफाई
बता दें कि यमुना प्राधिकरण के अधिकारी के अनुसार तीन कंपनियों ने फेज-2 के तहत हाथरस का मास्टर प्लान (New Hathras City Master Plan) तैयार करने के लिए अप्लाई किया है। इस दौरान जिन कंपनियों ने प्रजेंटेशन दिया है। उनमे आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट लिमिटेड, गरुणा यूएसबी सॉफ्ट सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड और एलईए एसोसिएट साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी शामिल है। प्राधिकरण के सीईओ की अध्यक्षता (Chaired by CEO of Authority) में गठित कमेटी के सामने इन कंपनियों ने प्रेजेंटेशन दिया है और इसमे तीनों कंपनी ने क्वालिफाई किया है।
वित्तीय बिड के बाद एक कंपनी का होगा चुनाव
वित्तीय बिड (financial bid Kya hai) के बाद किसी एक कंपनी का चुनाव कर लिया जाएगा। इस एक कंपनी से पहले सिर्फ 4000 हेक्टेयर का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। एक्सप्रेसवे के पास ही नया हाथरस शहर बसाया जाएगा और ऐतिहासिक रूप से हाथरस को ब्रिटिश काल में एक बड़ा औद्योगिक केंद्र बनाने की तैयारी है।
जिले के इतने गांव होंगे शामिल
प्राधिकरण ने नए हाथरस (new hathras news ) को लेकर क्षेत्र को अधिसूचित कर लिया है, जिसके तहत जिले के 358 गांव शामिल हो रहे हैं। अलीगढ़ और आगरा के मुकाबले हाथरस शहर की कनेक्टिविटी कहीं बेहतर होने वाली है। नए हाथरस का एनएच-93 और यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से एसएच-33 से कनेक्टशन है। रेल कनेक्टिविटी भी सुगम है। ऐसे में न्यू हाथरस के माध्यम से इस इलाके में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
