Delhi NCR New City : दिल्ली-एनसीआर में इन्फ्रास्ट्रचर की मजबूती के लिए नोएडा से भी बड़े एक नए शहर को बसाने की तैयारी चल रही है। तेजी से बढ़ती आबादी और प्रदूषण से बचाव के लिए इस नए शहर को बसाया जाएगा। इस नए शहर के बसाए जाने से रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और बढ़ता प्रदूषण भी कम होगा। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं कि दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR New Cities) में कौन सा नया शहर बसाया जाएगा।
दिल्ली एनसीआर एक भीड़ भाड़ वाला शहर है और यहां पर बढ़ती भीड़भाड़ के साथ ही प्रदूषण भी लगातार बढ़ रहा है। इसी के चलते अब प्रशासन ने दिल्ली-एनसीआर में विकसित करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। आगामी समय में ये नया शहर (Delhi NCR New City Project) में नोएडा को भी कड़ी टक्कर देने वाला है। खबर में जानिए इस नए शहर को बसाने के लिए कितने गांवो कोर शामिल किया जाएगा।
कौन सा है ये नया आधुनिक शहर
शासन की ओर से न्यू नोएडा की तर्ज पर नया ग्रेटर नोएडा (new greater noida) विकसित किया जाएगा। नए ग्रेटर नोएडा को आधुनिक शहर के रूप में बसाए जाने का प्लान है। जानकारी के अनुसार नए ग्रेटर नोएडा को मौजूदा ग्रेनो से लगभग डेढ़ गुना ज्यादा बड़े क्षेत्रफल में बसाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में तकरीबन 140 गांव शामिल होंगे। इस नए शहर को 33,715.22 हेक्टेयर में बसाया जाएगा। यानी देखा जाएगा अभी शहर की तुलना में यह डेढ़ गुना ज्यादा है।
कितने हेक्टेयर में बसेगा ये नया शहर
नया ग्रेटर नोएडा 33,715.22 हेक्टेयर में बसेगा और अभी वर्तमान में ग्रेटर नोएडा का क्षेत्रफल (area of greater noida) 22,255.01 हेक्टेयर के आस-पास है। बड़ी बात यह है कि न्यू ग्रेटर नोएडा शहर को विकसित करते समय से ही निजी क्षेत्र की बिजली कंपनी को बिजली की सप्लाई का काम सौपां जाएगा। ताकि शुरूआती फेज में स्ट्रक्चर विकसित करते समय ही पूरे शहर के लिए भूमिगत बिजली लाइन डालने का काम पूरा हो जाए।
न्यू ग्रेटर नोएडा शहर में मिलेंगी ये सुविधाएं
न्यू ग्रेटर नोएडा शहर में भूमिगत बिजली लाइन लगाई जाएगी यानी की बिजली के तार ऊपर खंभे पर नहीं दिखेंगे। जहां अभी नोएडा में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम (Electricity Distribution Corporation) बिजली सप्लाई कर रहा है। वहीं, ग्रेनो में इसका जिम्मा नोएडा पावर कंपनी को सौपां गया है। बता दें कि नोएडा पावर कंपनी ग्रेनो के 117 गांवों, ग्रेनो वेस्ट और ग्रेनो के सेक्टरों में बिजली की सप्लाई कर रही है।
प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि एनपीसीएल से न्यू ग्रेटर नोएडा में बिजली सप्लाई (Electricity supply in New Greater Noida) के लिए बता दिया गया है। प्रावधानों और नियमों के अनुसार एनपीसीएल या किसी ओर कंपनी को विद्युत वितरण का जिम्मा सौपां जाएगा। यहां पर हर ब्लाक में लगभग दो बड़े पार्को का निर्माण होगा।
कितनी होगी न्यू ग्रेटर नोएडा की आबादी
इतना ही नहीं नोएडा की तर्ज पर विकसित इस नए शहर में सोलर पैनल पर बेसड स्ट्रीट लाइट्स और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन (electric vehicle charging station) का निर्माण किया जाएगा। शासन की ओर से न्यू ग्रेटर नोएडा के मास्टर प्लान 2041 (New Greater Noida Master Plan 2041) को मंजूरी मिल गई है और मास्टर प्लान 2041 के अनुसार ग्रेनो और न्यू ग्रेटर नोएडा की आबादी 40 लाख से ज्यादा होगी।
140 गांवों की जमीन पर बसेगा ये शहर
जानकारी के लिए बता दें कि न्यू ग्रेटर नोएडा (New Greater Noida Updates) 140 गांवों की जमीन पर बसाया जाएगा। वहीं, मौजुदा ग्रेटर नोएडा 117 गांव पर शामिल हैं। ग्रेनो प्राधिकरण सीईओ का कहना है कि न्यू ग्रेटर नोएडा को एक आधुनिक शहर के तौर पर बसाया जाना है, जिसमे शुरुआत से ही खामियों को दूर किए जाने की कोशिश की जा रही है।
किन चीजों के लिए कितनी जमीन होगी आरक्षित
नए शहर की बसावट के लिए उद्योग श्रेणी के लिए 14192 हेक्टेयर जमीन में 25.4 प्रतिशत हिस्सा (industrial grade land) आरक्षित किया जाएगा और ऐसे ही परिवहन के लिए 14192 क्षेत्रफल में 17.4 प्रतिशत, हरित क्षेत्र के 7908.60 क्षेत्रफल जमीन में 5.8 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित किया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षण संस्थान के लिए 5812.97क्षेत्रफल में से 10.4 प्रतिशत, व्यावसायिक श्रेणी के लिए 2773 हेक्टेयर में 4.8 प्रतिशत, शैक्षिक हरित के लिए 1422.2 क्षेत्रफल में 2.5 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित (land reserved) होगा और वन के लिए 1073.96 क्षेत्रफल में 2 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित होगा।
