Delhi NCR News : दिल्ली एनसीआर में प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। बता दें कि अब यहां पर एक और नया शहर बसाया जाने वाला है। ये नया शहर पूरी तरह से एआई आधारित होने जाता है। प्लान को पूरा करने में 3.50 लाख करोड़ की लगात आने वाली है। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।
आज के समय में हर कोई एआई की ओर आकृषित हो रहा है। ऐसे में अब दिल्ली एनसीआर में एक नया शहर (AI City in Delhi NCR) बसाया जाने वाला है। ये नया शहर पूरी तरह से आधुनिक होगा। शहर के निर्माण में 3.50 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। आइए जानते हैं इससे जुड़ी पूरी डिटेल।
वरिष्ठ अधिकारियों का ये है मानना
बुधवार को कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) पहुंचा, यहां पर उन्होंने प्रस्तावित स्थल (City in Delhi NCR) का निरीक्षण किया था। यीडा के सीईओ आरके सिंह ने जानकारी देते हुए बताया है कि ये पहल यमुना सिटी को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में अहम बनकर सामने आ रहा है।
एआई आधारित परियोजना की होगी शुरुआत
यमुना सिटी में एआई हब की अवधारणा हाल ही में दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान सामने आ रही थी। इसी अवधि के दौरान एएम ग्रीन कंपनी ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pardesh Government News) सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से मुलाकात करके राज्य में बड़े स्तर पर एआई आधारित परियोजना शुरू करने की इच्छा को व्यक्त किया था।
कंपनी के सीईओ ने दी जानकारी
कंपनी के ईवीपी और सीईओ ने बताया कि नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने यीडा के सीईओ से बैठक की थी। इस बैठक के दौरान यमुना सिटी (Yamuna City) की औद्योगिक संभावनाओं, बेहतर सड़क और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आसपास के इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी को भी जारी किया गया है।
योजना के पूरा होने में आएगी इतनी लागत
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने सेक्टर-8 और सेक्टर-28 के आसपास उपलब्ध भूमि का दौरा किया है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी को ये क्षेत्र निवेश (Investment Tips) के लिए काफी अनुकूल लग रहा है। एएम ग्रीन कंपनी इस एआई हब परियोजना में करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा राशि को निवेश करने वाली है। प्रस्तावित एआई सिटी में अत्याधुनिक डेटा सेंटर, रिसर्च और डेवलपमेंट लैब, इनोवेशन स्टूडियो, स्टार्टअप इकोसिस्टम और बड़ी एआई कंपनियों (AI companies) के ऑफिस को स्थापित किया जाने वाला है।
एआई मॉडल पर डेवलप होगा शहर
यहां पर एआई मॉडल डेवलपमेंट, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, रिसर्च और विभिन्न उद्योगों के लिए एआई आधारित समाधान तैयार किए जाने वाले हैं। लखनऊ के बाद ये उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh News) का दूसरा बड़ा एआई हब बनकर सामने आएगा। यीडा के सीईओ आरके सिंह ने जानकारी देते हुए बताया है कि कंपनी को राज्य सरकार की ओर से निवेश पर मिलने वाली सुविधाओं (Facilities in New AI City) और छूट की जानकारी भी दी गई है। इसके साथ ही मे केंद्रीय बजट में डेटा सेंटर और क्लाउड सेवाओं से जुड़ी कंपनियों को साल 2047 तक कर छूट देने की घोषणा से इस सेक्टर को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद लगाई जा रही है।
11 डेटा सेंटर के लिए आवंटित होंगे भूखंड
फिलहाल नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में लगभग 11 डेटा सेंटर के लिए भूखंड आवंटित की जा चुकी है और आगे भी नए भूखंड दिए जाने की प्लानिंग की जा रही है। प्रस्तावित एआई सिटी (New AI City in India) में भी डेटा और टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया जाने वाला है।
