Delhi-NCR – Delhi-NCR में परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए RRTS का विस्तार जल्द होने वाला है। हाल ही में इस रूट पर परियोजना को केंद्रीय स्तर से मंजूरी मिल गई है। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा बल्कि औद्योगिक और शहरी विकास को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और रोजगार अवसर बढ़ेंगे… आइए नीचे खबर में जान लेते है इससे जुड़ी पूरी जानकारी-
दिल्ली के सराय काले खां से बावल तक हाईवे के साथ नमो भारत आरआरटीएस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है। रेपिड रेल (rapid rail) के बावल तक विस्तार से न केवल नए उद्योगों के आने की संभावनाएं बढ़ेंगी, बल्कि धारूहेड़ा और बावल के दो औद्योगिक क्षेत्रों के बीच यात्रा का समय भी अब पांच मिनट से कम हो जाएगा।
हालांकि राजस्थान के नीमराना (Neemrana, Rajasthan) तक विस्तार की मांग को फिलहाल झटका लगा है। प्रथम चरण में आरआरटीएस प्रोजेक्ट केवल बावल तक ही बढ़ाया जाएगा। दूसरे चरण में नीमराना तक विस्तार की योजना जरूर है, लेकिन खास बात यह है कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह (Union Minister Rao Inderjit Singh) ने लंबे समय से इस प्रोजेक्ट को नीमराना तक ले जाने की मांग करते हुए केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल को कई बार पत्र भेजे हैं।
बार-बार की मांग के बावजूद इस प्रोजेक्ट का नीमराना तक न बढ़ना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। राव चाहते हैं कि रेवाड़ी शहर से कनेक्टिविटी के साथ ही इसे नीमराना तक विस्तार किया जाए।
आरआरटीएस प्रोजेक्ट का विस्तार धारूहेड़ा तक-
दरअसल, नमो भारत आरआरटीएस प्रोजेक्ट (Namo Bharat RRTS Project) को शुरू में प्रथम चरण में धारूहेड़ा तक बढ़ाने की योजना थी। लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के हस्तक्षेप के बाद इसे बावल तक ही विस्तार दिया जाएगा। रेवाड़ी शहर से कनेक्टिविटी के साथ-साथ नीमराना तक विस्तार की मांग को लेकर राव ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल (Union Minister Manohar Lal) को कई बार पत्र भी भेजे हैं।
बावजूद इसके बाद 18 जनवरी को राव इंद्रजीत सिहं को लिखे गए पत्र में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने स्पष्ट किया है कि प्रथम चरण में इसका विस्तार बावल तक किया जाएगा। अगले चरण में इसका विस्तार नीमराना तक किया जाएगा।
बावल में औद्योगिक विकास को मिलेगा नया बढ़ावा-
दरअसल, राष्ट्रीय राजधानी के करीब और दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित बावल और धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र (Bawal and Dharuhera Industrial Area) न केवल राज्य बल्कि देश में भी अपनी खास पहचान रखते हैं। यहां छोटी-बड़ी 700 से अधिक कंपनियां हैं, जो करीब 50,000 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराती हैं।
पिछले कुछ वर्षों में नीमराना और खुशखेड़ा क्षेत्रों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। बावल के साथ-साथ इन क्षेत्रों में भी नए उद्यमियों का आना सीमित हो गया है और पिछले वर्ष यहां नई इकाइयों की स्थापना नहीं हुई। बावल-रेवाड़ी-धारूहेड़ा मार्ग से हजारों विद्यार्थी गुरुग्राम और दिल्ली-नोएडा (Delhi-Noida) में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
लोग कंपनियों में कार्यरत हैं और सड़क मार्ग से अपने गंतव्य तक जाते हैं। ऐसे में यह परियोजना औद्योगिक विस्तार (industrial expansion) को नया आकार देने में अहम भूमिका निभाएगी। बावल में खासतौर पर ऑटो पार्ट्स इकाइयों (auto parts units) में अधिक रुचि देखी गई है।
