Delhi Development : देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ रहे ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए सरकार की तरफ से नए-नए कदम उठाए जा रहे हैं। अब ट्रैफिक जाम से मुक्ति पाने के लिए देश की राजधानी दिल्ली में 17 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिससे लोगों को काफी फायदा होगा।
दिल्ली के विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए सरकार की तरफ से नए कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि यातायात सुगम होने से लोगों को सफर में काफी आसानी हो जाएगी तथा क्षेत्र के विकास की रफ्तार बढ़ जाएगी। अब राजधानी दिल्ली में बढ़ रहे ट्रैफिक जाम (Freedom from traffic jams) को कम करने के लिए आउटर रिंग रोड पर केशोपुर डिपो से हैदरपुर तक 17 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कारिडोर बनेगा।
एलिवेटेड कॉरिडोर (Elevated corridor) का तकरीबन हिस्सा सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के सप्लीमेंट्री ड्रेन के साथ बनेगा, जिस पर लोक निर्माण विभाग (PWD) काम करेगा। PWD ने 9,05,53,996 रुपये की लागत से सर्वे कराने की मंजूरी दे दी है और जल्द टेंडर जारी होगा। बताया जा रहा है कि इस परियोजना से ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिल पाने की उम्मीद है।
सलाहकार कंपनी कार्य के दौरान सभी श्रेणियों के वाहनों का 24 घंटे का यातायात सर्वेक्षण करेगी, इससे मोड़ों की आवाजाही और चौराहों पर वाहनों के वर्गीकरण को शामिल किया जाएगा। जिससे यातायात की स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी।
फिलहाल लाखों लोगों को हो रही समस्या
एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की इस परियोजना (Project to build an elevated corridor) से लाखों लोगों को बड़ा फायदा होगा। जी हां, इस फ्लाईओवर से केशोपुर, हैदरपुर, पंजाबी बाग, पीतमपुरा, शालीमार बाग, रोहिणी और उत्तर-पश्चिम दिल्ली के आसपास के इलाकों के लाखों यात्रियों को सीधी राहत मिलेगी। यहां के लोग अब बेहद यातायात जाम की समस्या से जूझ रहे हैं।
यह परियोजना आउटर रिंग रोड पर यातायात जाम (Delhi News) को कम करने और कनेक्टिविटी बेहतर करने में अहम भूमिका निभाएगी। इसमें बिजली, पानी, टेलीफोन लाइनों, पेड़ों, हरित स्थानों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। कंसल्टेंट जियो-टेक्निकल जांच करेगा और बोर होल किए जाएंगे। परियोजना में फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, पार्क, बगीचे और अर्बन प्लाजा जैसे सुविधाएं भी शामिल होंगी।
किया जाएगा लाभ विश्लेषण
PWD का उद्देश्य आउटर रोड पर रोजाना बढ़ रहे ट्रैफिक जाम (Traffic Jam In Delhi) का समाधान ढूंढना है, जो ज्यादा आबादी वाले इलाकों से पास होने वाला एक महत्वपूर्ण सड़क नेटवर्क है। सलाहकार कंपनी द्वारा 24 घंटे का यातायात सर्वेक्षण किया जाएगा और भवनों, अतिक्रमणों का सर्वेक्षण भी करेगी। साथ ही, योजना की आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक लागतों का विश्लेषण भी किया जाएगा।
