Delhi News – राजधानी दिल्ली में डीटीसी बसों के रूटों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा ताकि उन्हें यात्रियों की मांग के अनुसार संचालित किया जा सके। जिन रूटों पर भीड़ अधिक है, वहां बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी और कम भीड़ वाले रूटों पर फेरे घटाए जाएंगे… जारी इस अपडेट से जुड़ी पूरी जानकारी जानने के लिए खबर काे पूरा पढ़ लें-
राजधानी दिल्ली में लंबे समय बाद डीटीसी बसों के रूटों को पुनर्निर्धारित कर उन्हें मांग के अनुसार चलाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। पूर्वी और पश्चिमी जोन में रूटों के पुनर्निर्धारण (Re-designation of routes in Eastern and Western zones) के बाद अब डीटीसी जल्द ही उत्तरी जोन में भी बसों के नए रूट और उनकी संख्या तय करने वाली है।
अब सड़कों पर नहीं चलेंगी सीएनजी बसें-
डीटीसी की सीएनजी बसें 15 साल पुरानी होने के कारण सड़कों से हटा दी गई हैं। फिलहाल दिल्ली में करीब 5,300 सरकारी बसें ही संचालित हो रही हैं, जबकि शहर की आबादी के हिसाब से लगभग 11,000 बसों की जरूरत है। दिल्ली सरकार इस साल नवंबर तक बसों की संख्या 7,000 से अधिक करने का प्रयास कर रही है, और मार्च तक करीब 300 नई बसें सड़कों पर आने की उम्मीद है। इसके बावजूद यात्रियों के लिहाज से बसों की कमी बनी हुई है।
ऐसे में डीटीसी ने बसों के रूटों का पुनर्निर्धारण शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य है कि जिन रूटों पर यात्रियों की संख्या अधिक है, वहां बसों की संख्या बढ़ाई जाए, जबकि कम भीड़ वाले रूटों पर बसों के फेरे कम किए जाएं। दिल्ली सरकार (delhi government) ने पहले ही पांच में से दो जोन में यह प्रक्रिया पूरी कर ली है और जल्द ही उत्तरी जोन (Northern Zone) में भी रूटों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा।
डीटीसी में पांच की बजाय होंगे चार जोन-
दिल्ली में बस रूटों के पुनर्निर्धारण (Rescheduling of bus routes in Delhi) के साथ-साथ डिम्ट्स के अनुबंध समाप्त होने के कारण डीटीसी के जोनों का भी पुनर्गठन किया जा रहा है। अब दिल्ली में पांच जोनों की बजाय केवल चार जोन होंगे – पूर्व, उत्तर, दक्षिण और पश्चिम। एसीएमएस जोन (ACMS Zone) का इन चारों में विलय कर दिया जाएगा, वहीं डिम्ट्स के अधीन संचालित होने वाले डिपो को भी डीटीसी के इन चार जोनों में समायोजित किया जाएगा।
