अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सेहत को लेकर इन दिनों सवालों की झड़ी लगी हुई है। हाल ही में अलास्का में रेड कार्पेट पर चलते हुए ट्रंप के पैरों पर कंट्रोल न रहने और उनके दाहिने हाथ पर गहरे काले निशान दिखाई देने के बाद सोशल मीडिया पर हलचल मच गई है। दुनिया के सबसे ताकतवर माने जाने वाले शख्स के स्वास्थ्य को लेकर चर्चा तेज हो चली है कि कहीं ट्रंप किसी गंभीर बीमारी से तो नहीं जूझ रहे।
हाथ पर गहरे काले निशान ने बढ़ाया शक
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स और वायरल तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि ट्रंप के दाहिने हाथ पर एक गहरा काला-नीला निशान मौजूद है। कई मौकों पर उन्होंने इस निशान को अपने बाएं हाथ से ढकने की कोशिश की, लेकिन कैमरों की नज़र से यह छिप नहीं पाया।
- फरवरी में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात के दौरान भी उनके हाथ पर ऐसे ही निशान देखे गए थे।
- दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति से मुलाकात के समय भी ट्रंप के हाथ पर काला निशान नज़र आया था।
लगातार इस तरह की तस्वीरों ने अटकलें तेज कर दी हैं कि ट्रंप को कोई गंभीर हृदय संबंधी या न्यूरोलॉजिकल बीमारी हो सकती है।
पुतिन संग मुलाकात में डगमगाए कदम
अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात का एक वीडियो भी जमकर वायरल हुआ। रेड कार्पेट पर चलते समय ट्रंप के कदम लड़खड़ा रहे थे। उनका दाहिना पैर बार-बार उन्हें बाईं ओर धकेल रहा था। ट्रंप नशे में नहीं दिख रहे थे, फिर भी ऐसा लग रहा था जैसे वे अपने पैरों पर कंट्रोल खो बैठे हों।
इस घटना ने एक बार फिर ट्रंप की सेहत पर सवालिया निशान खड़े कर दिए।
व्हाइट हाउस की सफाई
व्हाइट हाउस ने इन अटकलों को खारिज करते हुए सफाई दी है। अधिकारियों के मुताबिक:
- हाथ पर दिखाई देने वाला निशान दरअसल लगातार हैंडशेक और एस्पिरिन दवा के सेवन से हुई मामूली त्वचा की समस्या है।
- ट्रंप को क्रॉनिक वेनस इन्सफिशिएंसी (CVI) नाम की बीमारी है, जो उम्रदराज़ लोगों में आम है और खून के प्रवाह को प्रभावित करती है।
हालांकि, अमेरिकी जनता और विपक्ष इस सफाई से संतुष्ट नज़र नहीं आ रहा।
विपक्ष का हमला और डिमेंशिया की आशंका
कैलिफ़ोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम ने ट्रंप का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि क्या यह डिमेंशिया के लक्षण हैं? उन्होंने इसके लिए AI चैटबॉट Groq से सवाल किया और चैटबॉट ने “हाँ” में जवाब दिया। इसके बाद विपक्ष ने ट्रंप की याददाश्त और मानसिक स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए।
वहीं, मशहूर मनोवैज्ञानिक डॉ. हैरी सेगल और डॉ. जॉन गार्टनर का दावा है कि 79 वर्षीय ट्रंप में डिमेंशिया (मनोभ्रंश) के शुरुआती लक्षण नज़र आ रहे हैं। यह बीमारी दिमाग के फ्रंटल और टेम्पोरल हिस्सों को प्रभावित करती है, जिससे व्यक्ति के व्यवहार, भाषा और मोटर स्किल्स प्रभावित होते हैं।
क्या ट्रंप की कुर्सी पर संकट?
ट्रंप की सेहत को लेकर उठ रहे सवालों ने अमेरिकी राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है। विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि ट्रंप की स्थिति खराब होती जा रही है और उन्हें हटाकर उपराष्ट्रपति को एक्टिंग प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी सौंप दी जाए।
हालांकि, अभी तक ट्रंप या व्हाइट हाउस की ओर से उनकी बीमारी को लेकर कोई आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। लेकिन सोशल मीडिया पर उनके हाथों के निशान, डगमगाते कदम और बार-बार दोहराए जाने वाले बयान अब बड़े राजनीतिक मुद्दे बनते जा रहे हैं।