Driving licence : देशभर में वाहनों को चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत पड़ती है। बता दें कि अब ड्राइविंग लाइसेंस को बनवाना और भी ज्यादा मुश्किल होने वाला है क्योंकि अब ड्राइविंग टेस्ट (Driving Test) एआई आधारित होने वाला है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी इस पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया अब पहले से और भी ज्यादा मुश्किल होने वाली है। बता दें कि अब सरकार ने जल्द ही टेस्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर ली है। इसके तहत परीक्षा को AI (AI Driving Test) आधारित बनाया जाने वाला है। इस नई व्यवस्था की वजह से टेस्ट देना और भी काफी ज्यादा पारदर्शी हो जाएगा। । माना जा रहा है कि इस कदम से सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और योग्य चालकों को ही लाइसेंस देने में मदद मिलेगी।
यहां पर बदलेंगे नियम
पंजाब में टेस्ट पास करना अब बेहद ही मुश्किल होने वाला है क्योंकि परिवहन विभाग सभी 32 ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर स्मार्ट तकनीक लागू करने जा रहा है। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के इच्छुक लोगों को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (artifical Intelligence) आधारित ट्रैक पर टेस्ट पास करना होगा। विभाग ने इन ट्रैक पर अभी पेश आ रही खामियों की सूची को तैयार कर लिया है। इनको दूर करने की प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है। पहले तो सभी जगहों पर कंट्रोल (Driving Test) रूम स्थापित किया जाएगा। साथ ही में बेहतर नतीजों के लिए ट्रैक की रिपेयर भी की जाने वाली है।
ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक होगा तैयार
ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक तैयार करने के लिए विभाग कंपनी फाइनल कर रहा है। इस पर 25 फरवरी को फैसला लिया जाने वाला है। विभाग के मुताबिक 28 ट्रैक को रिपेयर की जरूरत पड़ने वाली है। सिर्फ मोहाली और मालेरकोटला (Driving Test New Rules) के ट्रैक सही हैं इन्हें हाल ही में बनाया गया है। दो को छोड़कर सभी ट्रैक में कंट्रोल रूम के लिए भी जगह है। फगवाड़ा और कपूरथला में कंट्रोल रूम स्थापित करने के लिए लेआउट प्लान में कुछ बदलाव करने की जरुरत जताई जा रही है।
नए सिरे से होगा निर्माण
हाल ही में विभाग ने बैठक करके ये जरुरत पूरी करने की प्रक्रिया की भी शुरुआत कर दी है। फतेहगढ़ साहिब, तरनतारन और मोहाली को छोड़कर सभी जिलों में बाउंड्री वॉल रिपेयर (AI Driving Test) व नए सिरे से निर्माण करने की भी जरूरत जताई जा रही है। इसी तरह जहां अन्य सुविधाएं जैसे वेटिंग रूम, शौचालय नहीं है वहां इनके निर्माण का भी कार्य किया जा रहा है।
सिस्टम में होंगे ये बड़े बदलाव
मोहाली में सिस्टम लागू करने के बाद पूरे पंजाब में ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर यह स्मार्ट सिस्टम (driving test smart system) को लागू किया जाने वाला है। ये सिस्टम वाहन चालकों से लेकर ट्रैक तक की निगरानी करने वाली है। जरा सी चूक हुई तो फिर वाहन चालक टेस्ट में फेल हो जाएगा। फिलहाल माइक्रोसॉफ्ट की हारनेसिंग ऑटो मोबाइल्स फॉर सेफ्टी (HAMS Technology) टेक्नोलॉजी को मोहाली के ट्रैक पर लागू किया जा रहा है।
स्मार्ट फोन पर भेज दी जाएगी जानकारी
जब आप ड्राइविंग टेस्ट के लिए जाते हैं तो फिर आपकी कार की विंडशील्ड पर स्मार्टफोन लगा दिया जाएगा। इसमें आपको दिए गए नंबर को डाल दिया जाएगा। इसकी वजह से आपकी सारी जानकारी स्मार्ट फोन (Driving test exam questions) पर भेज दी जाएगी। अब स्मार्टफोन और टेस्टिंग ट्रैक पर मौजूद एज सर्वर पर चलने वाला एचएएमएस बाकी काम कर देगा और टेस्ट प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद एक विस्तृत रिपोर्ट को तैयार कर दिया जाएगा।
पायलट प्रोजेक्ट के लागू होने की प्रतिक्रिया शुरू
विभाग के मोहाली में पायलट प्रोजेक्ट को लागू करने के बाद पास प्रतिशत में भारी कमी दर्ज की जा रही है। सिस्टम के लागू होने के चार महीने के आंकड़ों के मुताबिक ये पास प्रतिशत 90 से गिरकर 40 तक जा पहुंचेगा। हालांकि राष्ट्रीय पास (driving licence status) प्रतिशत 65 तक ही है। हालांकि प्रदेश के अन्य जिलों में इस अवधि के दौरान 5 प्रतिशत अधिक रहा है। इसकी वजह से ये सपष्ट है कि नए सिस्टम से ड्राइविंग टेस्ट सिर्फ वे लोग ही पास कर पाएंगे जोकि ड्राइविंग में पूरी तरह से निपुण होंगे।
