EPFO 3.0 के तहत कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि (PF) निकासी की प्रक्रिया अब और भी सरल और सुविधाजनक बन गई है। नए नियमों के अनुसार, सदस्य अब अपनी कुल PF राशि का 75% तक बिना किसी विशेष कारण बताए निकाल सकते हैं। हालांकि, नौकरी छोड़ने की स्थिति में पूरी राशि निकालने के लिए अब 12 महीने का इंतजार करना होगा, ताकि ब्याज और रिटायरमेंट सुरक्षा का लाभ बना रहे।
पुराने नियमों में PF निकालने के लिए 13 अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित थीं, जिनमें से प्रत्येक के लिए अलग- अलग शर्तें थीं। EPFO ने इसे EPFO 3.0 के तहत केवल तीन श्रेणियों में सरल कर दिया है – जरूरी जरूरतें, घर से जुड़ी आवश्यकताएं और विशेष परिस्थितियां।
नई व्यवस्था के तहत, खाते में न्यूनतम 25% राशि बचानी अनिवार्य है ताकि रिटायरमेंट के लिए सुरक्षा बनी रहे। इससे पहले हर प्रकार की निकासी के लिए अलग- अलग सेवा अवधि तय थी, जैसे कि शादी के लिए 7 साल और घर के लिए 5 साल। अब सभी मामलों में सिर्फ 12 महीने की नौकरी पूरी करना आवश्यक है।
शिक्षा और शादी जैसे मामलों में निकासी की सीमा भी बढ़ा दी गई है। अब सदस्य शिक्षा के लिए 10 बार और शादी के लिए 5 बार तक पैसे निकाल सकते हैं। नौकरी छोड़ने पर PF की पूरी राशि 12 महीने बाद ही निकाली जा सकेगी, जबकि पहले यह अवधि केवल 2 महीने थी।
EPFO कमिश्नर रमेश कृष्णमूर्ति के अनुसार, यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि सदस्य कम से कम एक साल तक ब्याज और पेंशन का लाभ उठा सकें।
हाल के महीनों में IT और फिनटेक सेक्टर में छंटनी बढ़ने के कारण कई कर्मचारियों को अपनी PF राशि की तत्काल जरूरत पड़ रही है। EPFO ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल होगी और आंशिक निकासी ऑटोमैटिक रूप से सेटल होगी, जिससे कर्मचारियों को जल्दी और आसानी से उनका पैसा मिल सकेगा।
