Green Corridor : देशभर में विकास प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रही है और अब देश के कई हिस्सों में यातायात को सुगम बनाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। अब हाल ही में एक्सप्रेसवे के किनारे 300 हेक्टेयर भूमि पर नया ग्रीन कॉरिडोर (New green corridor along expressway) बनाया जाने वाला है। अभी इस ग्रीन कॉरिडोर को बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी की जा रही है। आइए विस्तार से जानते हैं इस बारे में-
जिन इलाको में भीड़ भाड़ रहती और अक्सर ट्रेफिक जाम लगा रहता है। अब वहां सरकार ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण (Creation of green corridor) कर रही है। अब इस कड़ी में सरकार एक्सप्रेसवे के किनारे नया कॉरिडोर बनाने की योजना बना रही है। ये नया ग्रीन कॉरिडोर 300 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जाएगा और अभी इसके लिए जमीन अधिग्रहण की तैयारी चल रही है। आइए खबर में जानते हैं कि ये ग्रीन कॉरिडोर कहां बनाया जाएगा।
कहां बनेगा औद्योगिक ग्रीन गलियारा
बता दें कि गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) के पास बनाए जा रहे औद्योगिक ग्रीन गलियारा का दायरा अब दो गुना से ज्यादा बढ़ रहा है, जिसमे अब कई अन्य गांवों के किसानों की भूमि का चिन्हांकन (Marking of farmers’ land) करके खरीदने की तैयारी की जा रही है और मां गंगा के खादर इलाके को नोएडा जैसे ही सेक्टरों में बांटा जाएगा, जिससे इलाके के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। वहीं, हसनपुर तहसील इलाके में 23.60 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे बन गया है।
औद्योगिक ग्रीन शहर बसाने के लिए खरीदी इतनी जमीन
यूपीडा के अधिकारियों ने 3 वर्ष पहले ही किसानों से गंगा एक्सप्रेसवे के टी प्वाइंट के पास मंगरौला, रूस्तमपुर खादर और दौलतपुर कला के रकबे में औद्योगिक ग्रीन शहर (industrial green city) बसाने के लिए तकरीबन 135 हेक्टयेर भूमि खरीदने के लिए मार्क की थी, जिससे लगभग 60 प्रतिशत से ज्यादा भूमि तहसील प्रशासन किसानों से डीए ऑफ सेल कराकर खरीद ली गई है।
बढ़ाया जाएगा औद्योगिक ग्रीन कॉरिडोर का दायरा
इसके साथ ही सौ बीघा ग्राम समाज की भूमि का अधिग्रहण (acquisition of land) हो गया है और अब औद्योगिक ग्रीन कॉरिडोर का दायरा बढ़ाने का फैसला लिया गया है, जिससे औद्योगिक ग्रीन गलियारा के दायरे में कई गांव के किसानों की भूमि आ सकती है। इसमे गांगटकोला, हाकमपुर, ढकिया खादर, गंगवार, बुरावली और शकरगढ़ी गांवों का नाम शामिल है। जानिारी के अनुसार इस औद्योगिक ग्रीन गलियारा (Industrial Green Corridor) के लिए 200 से 300 हेक्टेयर भूमि की खरीदी की जाएगी।
औद्योगिक ग्रीन गलियार से विकास को लगेंगे पंख
जैसे ही गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway Updates) चालू होता है और तहसील इलाके में औद्योगिक ग्रीन गलियारा स्थापित होता है तो यहां के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। यहां पर अगर उद्योग धंधे स्थापित होते हैं तो इससे मजदूरों का बाहर जाने से पलायन रुक जाएगा। इसके साथ ही औद्योगिक इकाइयों में इलाकों रोजगार के अवसर खुलेंगे। इतना ही नहीं किसानों तथा आम जनता को फॉर्म इक्विपमेंट, मशीनरी तथा अन्य सामान के लिए दूसरी जगह पर नहीं जाना होगा। ये नया ग्रीन शहर आगामी समय में प्रदेश के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
