new railway line in delhi-Haryana : देश के सभी राज्यों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए सरकार लगातार कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। अब केंद्र सरकार ने दिल्ली, हरियाणा समेत चार राज्यों में रेलवे नेटवर्क बढ़ाने की योजना तैयार की गई है। इन राज्यों में 389 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। चलिए जानते हैं नई रेलवे लाइन का रूट क्या होगा।
देश के सभी राज्यों को बेहतर कनेक्टिविटी देने और विकास गति को तेज करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। कहीं नए एक्सप्रेस से बनाए जा रही है तो कुछ बड़े महानगरों में बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए नए शहर डेवलप किए जा रहे हैं। इसी बीच सरकार ने अब देश के चार बड़े राज्यों में 389 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन (new railway line news) बिछाने का मास्टर प्लान तैयार किया है।
18,509 करोड रुपये में तैयार होगी नई रेलवे लाइन –
बता दे कि PM नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने रेल मंत्रालय के तीन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इन प्रोजेक्ट पर लगभग 18,509 करोड रुपए की लागत आएगी। इन प्रोजेक्ट्स में कसारा-मनमाड, दिल्ली-अंबाला और बल्लारी-होसपेटे के बीच तीसरी और चौथी लाइन बनाई जाएगी।
PM-गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान –
केंद्र सरकार ने हाल ही में दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों को कवर करने वाली तीन मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं (multi tracking projects) को हरी झंडी दी है इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए 18,905 करोड रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इससे भारतीय रेलवे का नेटवर्क और मजबूत होगा। इसके साथ ही सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा। लाखों यात्री अपने गंतव्य तक सही समय पर पहुंच पाएंगे। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा। चारों बड़े राज्यों के लाखों करोड़ों लोगों के लिए यह परियोजना बेहद खास है।
रिपोर्ट के अनुसार, परियोजनाओं की योजना PM-गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान पर तैयार की गई है, जिसमें एकीकृत योजना और हितधारक परामर्श के माध्यम से मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी (multi model connectivity) और लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
CCEA के बयान के अनुसार, ये परियोजनाएं लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध संपर्क भी प्रदान करेंगी। प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना लगभग 3,902 गांवों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगी, जिनकी कुल आबादी लगभग 97 लाख है।
बढ़ी हुई लाइन कैपेसिटी से मोबिलिटी में काफी बढ़ोतरी होगी, जिससे भारतीय रेलवे (Indian Railways) की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और सर्विस रिलायबिलिटी में सुधार होगा। ये मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव ऑपरेशन को आसान बनाने और भीड़भाड़ कम करने के लिए तैयार हैं।
सेल्फ एम्प्लॉयमेंट के अवसर
CCEA ने एक बयान में कहा, “ये प्रोजेक्ट्स PM मोदी के न्यू इंडिया के विजन के मुताबिक हैं, यह इलाके के लोगों को आत्मनिर्भर बनाएगा। इससे इलाके में बड़े पैमाने पर डेवलपमेंट होगा, जिससे उनके रोजगार/सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के मौके बढ़ेंगे।
इन प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग PM-गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान पर की गई है, जिसमें इंटीग्रेटेड प्लानिंग और स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन के जरिए मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक एफिशिएंसी बढ़ाने पर फोकस किया गया है।
खास टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स पर भी फोकस
ये प्रोजेक्ट्स लोगों, सामान और सर्विस के आने-जाने के लिए आसान कनेक्टिविटी देंगे। प्रस्तावित कैपेसिटी बढ़ाने से देश भर के कई खास टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स (tourist destinations) तक रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिनमें भावली डैम, श्री घाटनदेवी, त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, कटरा, श्रीनगर में श्री माता वैष्णो देवी, और हम्पी (एक UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट), बल्लारी फोर्ट, दारोजी स्लॉथ बेयर सैंक्चुरी, तुंगभद्रा डैम, केंचनगुड्डा, और विजया विट्ठल मंदिर जैसे खास अट्रैक्शन्स शामिल हैं।
ट्रैफिक होगा कम –
सरकार के मुताबिक, प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स कोयला, स्टील, आयरन ओर, सीमेंट, लाइमस्टोन/बॉक्साइट, कंटेनर, अनाज, चीनी, फर्टिलाइजर और POL वगैरह जैसी चीजों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए जरूरी रास्ते हैं। इसके अलावा, कैपेसिटी बढ़ाने के काम से 96 MTPA (मिलियन टन प्रति साल) का एक्स्ट्रा माल ढुलाई ट्रैफिक होगा।
