First Private Railway Station: भारतीय रेलवे जो विश्व के चौथे सबसे बड़े रेल नेटवर्क के रूप में स्थापित है में कुल 8,800 रेलवे स्टेशनों का एक बड़ा ग्रुप है. यह रेलवे नेटवर्क न केवल भारत के विभिन्न कोनों को जोड़ता है बल्कि यह रोजाना लाखों यात्रियों को उनके गंतव्य स्थानों तक पहुँचाने में मदद करता है.
भारत का पहला प्राइवेट रेलवे स्टेशन
मध्य प्रदेश में स्थित, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन भारत का पहला प्राइवेट रेलवे स्टेशन है. इस स्टेशन को विशेष रूप से पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत विकसित किया गया है, जिससे यहाँ की सुविधाएँ और भी उन्नत और आधुनिक बनाई गई हैं.
एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लेस
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन उन चुनिंदा रेलवे स्टेशनों में से एक है जिसे एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ डिज़ाइन किया गया है. इस स्टेशन पर यात्रियों को आधुनिक प्रतीक्षालय, शॉपिंग आर्केड, रेस्तरां, विश्राम कक्ष, बेहतर सुरक्षा प्रणाली और अन्य वर्ल्ड क्लास फैसिलिटीज प्रदान की जाती हैं.
प्राइवेट सेक्टर की भूमिका
इस स्टेशन के संचालन की जिम्मेदारी प्राइवेट सेक्टर के हाथों में है. हालांकि, स्वामित्व अभी भी भारतीय रेलवे के पास बना हुआ है. प्राइवेट सेक्टर के इस तरह के सहयोग से स्टेशन की देखरेख और प्रबंधन में काफी सुधार हुआ है और यात्री अनुभव में भी खासा बदलाव आया है.
रेडेवलपमेंट और उन्नतीकरण
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का रीडेवलपमेंट भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम (IRSDC) के सहयोग से किया गया है. यह परियोजना रेलवे स्टेशनों को अधिक आकर्षक और यात्री-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से चलाई गई थी. इसके तहत, स्टेशन को न केवल सुंदर बनाया गया है, बल्कि उसे यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक और आरामदायक भी बनाया गया है.
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन न केवल भारतीय रेलवे के लिए एक मील का पत्थर है बल्कि यह भारतीय रेलयात्रा के भविष्य की एक झलक भी मिलती है जहां प्राइवेट सेक्टर और सरकारी उपक्रम मिलकर यात्री सुविधाओं और अनुभवों को नए स्तर तक ले जाने का प्रयास कर रहे हैं.