Gold Silver Rates : सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच अब लगातार तेजी देखने को मिल रही है। एक्सपर्ट का कहना है कि अगले 5 साल तक सोने की कीमतों में लगातार इजाफा देखने को मिल सकता है। अगर आप भी सोना (sone Ke rate) खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो आइए खबर के माध्यम से जानते हैं कि 2026 के आखिर तक सोने के दाम कहां तक पहुंच सकते हैं।
हर दिन सोने के भाव में तेजी देखी जा रही है। हालांकि बीच में सोने की कीमतों में गिरावट भी देखने को मिली थी। आज 15 फरवरी 2026 को वैलेंटाइंस डे के मौके पर भी सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। एक्सपर्ट ने सोने (Gold Silver Rates ) को लेकर अपनी राय दी है। उनका कहना है कि आगामी समय में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी रह सकता है।
कहां पहुंचे सोने -चांदी के रेट
सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतें (Sone Chandi ke Rate) 2.44 लाख रुपये प्रति किलो के पास ट्रेड कर रही है। वहीं, दिल्ली में सोना भी उछलकर तकरीबन 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। mcx पर चांदी की कीमत (Gold and Silver Price MCX ) तकरीबन 8,110 रुपये तेजी के साथ 2,44,545 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है और सोने की कीमतों में 3,266 रुपये की तेजी रिकॉर्ड की गई है।
दिल्ली में सोने के भाव
राजधानी दिल्ली की बात करें तो दिल्ली (Delhi Gold Prices) के सर्राफा बाजार में आज 24 कैरेट गोल्ड का भाव बढ़कर तकरीबन 1,57,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं, आर्थिक राजधानी में 24 कैरेट गोल्ड 1,57,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब चल रहा है।
वैश्विक बाजार में सोने-चांदी की कीमतें
वैश्विक बाजार में भी सोने-चांदी की कीमतों (Gold prices in global market) में काफी मजबूती देखी गई है। ऐसे में हाजिर सोना लगभग 4,968 डॉलर प्रति औंस केपास कारोबार कर रहा है। वहीं, कॉमेक्स (Comex Gold Rates) पर सोना तकरीबन 5,046 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जिसमें लगभग 2 प्रतिशत की इंट्राडे बढ़त रिकॉर्ड की गई है। ठीक ऐसे ही चांदी की कीमतों में भी 3 प्रतिशत से ज्यादा तेजी आई है, जिसके बाद ये तकरीबन 77.96 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची।
क्यों बढ़ रहे सोने-चांदी के दाम
एक्सपर्ट का कहना है कि अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (US Consumer Price Index) के उम्मीद से कम रहने के चलते डॉलर पर दबाव बना और इन्वेस्टर्स ने सुरक्षित इन्वेस्टमेंट के तौर पर सोना-चांदी में खरीददारी को तवज्जू दिया है। बता दें कि जनवरी 2026 में अमेरिकी महंगाई दर (US inflation rate in January 2026) 2.40 प्रतिशत के आस-पास रही है, जो बाजार के 2.50 प्रतिशत की उम्मीद से कम ही रही थी। हालांकि यह दिसंबर 2025 की तुलना में 0.30 प्रतिशत से ज्यादा है।
एक्सपर्ट ने दी यह राय
एक्सपर्ट का कहना है कि हालिया गिरावट के बाद भी कीमती धातुओं में लॉन्ग टाइम में तेजी जारी रह सकती है। जानकारी के मुताबिक अनुकूल वैश्विक मैक्रोइकॉनॉमिक स्थितियां, संरचनात्मक डिमांड और इन्वेस्टर्स की बदलती प्राथमिकताएं इन कीमती धातुओं (Sone chandi ke bhav)को आगामी 3-5 सालों तक प्राथमिकता दे सकती है।
जेपी मॉर्गन का कहना है कि इस साल 2026 के आखिर तक सोने की कीमतें 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना है। एक्सपर्ट ने इन्वेसटर्स को एडवाइस दी है कि पोर्टफोलियो में विविधता (Portfolio diversification) को बनाए रखने के लिए सोना-चांदी को होल्ड करना जरूरी है और गिरावट के दौरान सही तरीके से इन्वेस्टमेंट करें।
