Gold Price : सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। हर दिन सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। एक्सपर्ट ने जानकारी दी है कि आगामी समय में भी सोने की कीमतों (Gold Price) में तेजी का सिलसिला जारी रहने वाला है। ऐसे में आइए खबर में जानते हैं कि 2027 में 10 ग्राम गोल्ड कहां तक पहुंचेगा।
सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों ने आम खरीददारो को चिंता में डाल दिया है। अब हाल ही में सोने की कीमतों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। अब हाल ही में आई रिपोर्ट के अनुसार आगामी समय में सोने की बढ़ती कीमतें (Gold Price Prediction) पैरों तले जमीन खिसका सकती है। ऐसे में आइए खबर में जानते हैं 2027 में 10 ग्राम गोल्ड का रेट कहां पहुंच सकता है।
आगामी समय में कितने होंगे भाव
ताजा रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक हालात की दिशा को देखते हुए साल 2027 तक सोने की कीमत (Gold Price by 2027) 8,650 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना है। इस दौरान चांदी भी पीछे नहीं रहेीग और यह 220 डॉलर प्रति औंस का आंकड़ा छू सकती है।
अगर इसे भारतीय मुद्रा यानी रुपये के हिसाब से समझे तो रिपोर्ट के अनुमान के अनुसार 2027 की चौथी तिमाही तक 10 ग्राम सोने का भाव (10 gram gold rate) लगभग 2.83 से 3 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं, इस दौरान चांदी 7.20 लाख रुपये प्रति किलो तक जा सकती है।
क्यों उछले सोने के भाव
एनालिस्ट्स का कहना है कि दुनिया का जियोपॉलिटिकल (Geopolitical world) और फाइनेंशियल ऑर्डर में तेजी से बदलाव आ रहा है। रिपोर्ट में Sell America ट्रेड का जिक्र हुआ है। यानी कि अमेरिकी डॉलर और वहां के बॉन्ड मार्केट में कमजोरी दर्ज की जा रही है। इन्वेस्टर्स का भरोसा अब कागजी मुद्रा (Fiat Currency) से हट गया है और सरकारी बैलेंस शीट्स पर इसका भार बढ़ा है। ऐसे अनिश्चित माहौल में इन्वेस्टर्स अपनी पूंजी बचाने के लिए सेफ हेवन मानने वाले सोने-चांदी की ओर भाग रहे हैं।
2026 के आखिर तक चांदी के रेट
रिपोर्ट के अनुसार सोने के मुकाबले चांदी (Chandi Ke Rate) का प्रदर्शन काफी तेज रहा है, जिससे गोल्ड-सिल्वर रेश्यो 50 से नीचे ट्रेड कर रहा है। नए ग्लोबल रिस्क एनवायरनमेंट में चांदी एक मजबूत एसेट बनकर उभरी है। बैंक ने अनुमान जताया है कि 2026 के आखिर तक चांदी (Silver Rate by 2026) 160 डॉलर प्रति औंस और 2027 के आखिर तक 220 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना है।
2026 की चौथी तिमाही तक गोल्ड के रेट
हालांकि, यह भारी-भरकम तेजी कुछ खास परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। रिपोर्ट के मुताबिक यह मकसद तभी हासिल होगा जब दुनिया भर के केंद्रीय बैंक (Central Banks) हर तीन महीने में कम से कम 8 मिलियन औंस सोना खरीदते रहें। इसके साथ ही गोल्ड ईटीएफ (gold etf) में भी हर तीन महीने में 4 से 5 मिलियन औंस का इन्वेस्टमेंट जरूरी है।
अगर अमेरिकी डॉलर में कमजोरी (weakness in US dollar) बनी रहती है और रियल यील्ड (Real Yield) कम बनी रहती है, तो ऐसे में सोने के भाव 2026 की चौथी तिमाही तक 6,350 डॉलर प्रति औंस के आंकड़ों को छू लेंगी और 2027 तक 8,650 डॉलर प्रति औंस के जादुई आंकड़े को छू सकता है।
