Sone ka bhav : देशभर में सोने की कीमतें इस समय हाई लेवल पर जा पहुंची है। 1 साल पहले 70 से 75,000 प्रति 10 ग्राम मिलने वाला गोल्ड आज 1,60,000 रुपए प्रति 10 ग्राम के ऊपर कारोबार कर रहा है। ऐसे में अब खरीदारों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या सोना एक बार फिर ₹80,000 प्रति 10 ग्राम पर आएगा या नहीं। हाल ही में इसको लेकर एक बड़ी रिपोर्ट सामने आई है लिए नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं –
इस समय सोने की कीमतें रॉकेट की स्पीड से दौड़ रही है। सोना अब इतना ज्यादा महंगा हो गया है कि आम आदमी के लिए एक तोला गोल्ड खरीदना भी मुश्किल हो गया है। कभी 70,000 रुपए प्रति 10 ग्राम मिलने वाला गोल्ड अब 1,60,000 रुपए प्रति दस ग्राम के भी पर निकल गया है। हालांकि, रिकॉर्ड तोड़ तेजी के बीच ऐतिहासिक गिरावट भी देखने को मिली।
सराफा बाजार में फरवरी 2026 की शुरुआत में सोना (sone ki kimat) एक झटके में 1,80,000 से टूटकर 1,48,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक आ गया। लेकिन अब इसमें एक बार फिर से तेजी देखने को मिल रही है। हाल ही में आई रिकॉर्ड तोड़ तेजी के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या एक बार फिर सोना ₹80,000 प्रति 10 ग्राम पर आएगा। इसको लेकर कई बड़ी भविष्यवाणी हुई है। चलिए जानते हैं –
इन दिशों ने खरीदा सबसे ज्यादा गोल्ड –
एक्सपर्ट का कहना है कि पिछले कुछ ही महीनो में सोने की कीमतों (Gold Rate 2027) में आई बंपर तेजी के पीछे सबसे बड़ा हाथ वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा की गई खरीदारी है। आंकड़ों के अनुसार, ब्रिक्स देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने पिछले 6 महीना में दुनिया भर में हुई कल सोने की खरीद का लगभग 50% हिस्सा अकेले ही खरीदा है। इन देशों की रणनीति अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता को कम करने की थी जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग और कीमत दोनों ही ज्यादा तेजी से बढ़ी।
सोने में इस वजह से होगा बड़ा बदलाव –
एक्सपर्ट का कहना है कि अब वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है, जिसका सीधा असर सोने की कीमतों (Gold Rate) पर पड़ता है। पिछले काफी समय से अमेरिका और उसके बीच सारी तनाव की वजह से रूस ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अमेरिकी डॉलर का इस्तेमाल लगभग बंद कर दिया है और अपना पूरा ध्यान सोने के भंडार बढ़ाने पर लगा दिया है, लेकिन हालिया रिपोर्ट यह इशारा कर रही है कि रूस अपने रणनीति बदलकर फिर से डॉलर का उपयोग बढ़ा सकता है जो सोने की कीमतों के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट होगा।
इस वजह से सोने में आ सकती है बड़ी गिरावट –
अगर रूस अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में एक बार फिर डॉलर का इस्तेमाल बढ़ता है तो वह अपने विशाल सोने के भंडार (gold reserves) को बाजार में बेच सकता है। यदि रूस अपने भंडार से सोने की बिकवाली शुरू करता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की आपूर्ति अचानक बढ़ेगी। जिसकी वजह से कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।
धड़ाम से गिरेगा सोने का रेट ?
सोने की कीमतों (gold price) में संभावित गिरावट का एक बड़ा कारण रूस- यूक्रेन युद्ध की स्थिति से भी जुड़ा हुआ है। एक्सपर्ट का कहना है कि अगर यह युद्ध किसी व्यापार समझौते या कूटनीतिक बातचीत के जरिए खत्म होता है तो वैश्विक बाजार से अनिश्चित के बादल छंट सकते हैं।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार कुछ महीना पहले चीन, भारत ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका ने सोने (Sone Ka rate) की खरीद में बढ़ोतरी की थी, लेकिन अब संकेत मिल रहे हैं कि यह देश अपनी खरीद कम कर सकते हैं। यदि इन बड़े खरीदारों की तरफ से मांग में कमी आती है तो बाजार में सोने की कीमतें धड़ाम से नीचे गिर सकती हैं।
वाकई 80 हजार रुपये तोला होगा सोने का रेट-
एक्सपर्ट का कहना है कि भारत में सोने की कीमतें (Gold Rate Down) आने वाले समय में 70 से 80 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक आ सकती हैं। एक्सपर्ट का तर्क है कि यह गिरावट अचानक नहीं आएगी, बल्कि वैश्विक परिस्थितियों के बदलने के साथ यह धीरे-धीरे नीचे आएगा। जानकारों का कहना है कि 2027 के अंत तक बाजार में स्थिरता आने पर सोने का रेट ₹80,000 प्रति 10 ग्राम तक आ सकता है।
