Gold Price Crash : सोने और चांदी की कीमतों को लेकर हर किसी के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। निवेशक हो या खरीदार, हर कोई यह जानना चाहता है कि आने वाले दिनों में दोनों कीमती धातुओं की रेट कहां तक जाएंगे। हाल ही में एक बड़ी खबर सामने आई है जिसमें बताया गया है कि दो देशों के बीच बड़ी डील हो सकती है, जिसका सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों (sone chandi ka rate) पर देखने को मिलेगा। चलिए जानते हैं नीचे खबर मेंविस्तार से
जनवरी 2026 की शुरुआत में सोने और चांदी कीमत रॉकेट की रफ्तार से दौड़ रही थी। लेकिन महीने के आखिर में दोनों कीमती धातुओं में तगड़ा क्रेश देखने को मिला। लेकिन कुछ ही दिनों में सोने और चांदी कीमतों (gold silver rate) ने फिर से यूटर्न ले लिया। सोने चांदी में हल्की रिकवरी के बाद अब फिर से गिरावट देखने आई है। आज 18 फरवरी को भी सोने और चांदी कीमतों में तगड़ी गिरावट देखने को मिली है।
1 लाख रुपये तोला होगा सोना –
सोना ऑल टाइम हाई से अब तक है ₹40,000 सस्ता (Gold Rate Down) हो चुका है। 29 जनवरी 2026 को सोना 1.92 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम पर जा पहुंचा था, जबकि कल यानी 17 फरवरी को सोने की कीमत 1,52,000 प्रति 10 ग्राम पर आ गई, जो लोग सोने में पैसा लगाने की सोच रहे हैं उनकी मुश्किलें यह है कि वह समझ नहीं पा रहे की सोना आगे सस्ता होगा या महंगा, जो लोग फिजिकल गोल्ड खरीदने की योजना बना रहे हैं। वह इसमें गिरावट का इंतजार कर रहे हैं। हाल ही में सोने की कीमत (Sone ki Kimat) को लेकर एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जो सबके होश उड़ने वाली है।
इस वजह से सोने में आता उतार चढ़ाव –
सोने की कीमतों (GOld Price) पर जियो पोलिटिकल, ग्लोबल इकॉनमी, अर्थव्यवस्था बड़ी दिलों, देश दुनिया की खबरों का सीधा असर पड़ता है। 2025 में सोने ने तगड़ा रिटर्न दिया। वहीं अब इसमें भारी गिरावट देखने को मिली है। ब्लूमबर्ग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में सोने की कीमतों (Gold Rate Update) में ऐतिहासिक गिरावट देखने को मिल सकती है। सोना 1,00,000 प्रति 10 ग्राम से भी सस्ता हो सकता है।
दो बड़े देशों के बीच डील –
लेटेस्ट मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रूस अमेरिका के साथ एक डील करने वाला है। रूस अमेरिका डॉलर बेस्ट ट्रेड पेमेंट सिस्टम (Best Trade Payment System) में वापसी करने की तैयारी कर रहा है। साल 2022 में वह अमेरिका के शिफ्ट पेमेंट सिस्टम से बाहर हो गया था। अब एक बार फिर से इसमें वापसी करने की योजना बना रहा है। रूस का यह फैसल BRICS देश की उसे रणनीति के विपरीत है, जिसमें यह देश डॉलर पर अपनी निर्भरता को कम करने की सोच रहे हैं। इसका मकसद ब्रिक्स देशों की स्थानीय करेंसी को प्रमोट करना है, लेकिन रूस के इस फैसले से ब्रिक्स देश के डी डॉलराइजेशन को तगड़ा झटका लगेगा।
सोने में फिर से आ सकता है क्रैश –
अमेरिका और रूस (America and Russia) के बीच डॉलर में डील होने से गोल्ड में गिरावट आएगी। रूस के डॉलर में ट्रेड करने से सोने की मांग में कमी आएगी। दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उत्पादक देश देश रूस के डॉलर की ओर वापसी करने से केंद्रीय बैंकों (central banks) की ओर से सोने की खरीदारी कम की जा सकती है, जो देश अभी डॉलर के खिलाफ सोने को हथियार बनाने के मकसद से उसे अपने खजाने में भर रहे हैं, वो ऐसा करना बंद कर देंगे।
इस वजह से आ सकती है गिरावट –
सबसे दिलचस्प बात ये है कि ब्रिक्स देशों के बैंक दुनिया का 50% से अधिक GOLD खरीद रहे हैं, जिसकी वजह से इसकी मांग बढ़ रही है और मांग बढ़ने के साथ-साथ कीमतों में तेजी आ रही है जब रूस के डॉलर में ट्रेड करने लगेगा तो ये देश ऐसा करना बंद कर देंगे, क्योंकि डॉलर फिर से मजबूत हो जाएगा। केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की खरीदारी बंद होने से बाजार में इसकी सप्लाई बढ़ जाएगी।
ये बैंक अपना जमा किया हुआ सोना बाजार में बेचना भी शुरू कर सकते हैं। इससे सप्लाई में बढ़ौतरी होगी और कीमत अचानक नीचे आ जाएंगी। डॉलर ट्रेड में रुस की वापसी होने से डॉलर मजबूत होगा और ऐसे में सोने की कीमतें क्रेश (Gold Price Crash) कर सकती हैं, क्योंकि डॉलर मजबूत होने से निवेशक सोने से पैसा निकालकर डॉलर बॉन्ड में लगाना शुरू कर देंगे और सोने में भारी मुनाफा वसूली की वजह से बड़ी गिरावट आ सकती है।
