Gold Rate Down : सोने के दाम जो सातवें आसमान पर जा बैठे थे वो जमीन पर आ गिरे हैं। सोने के दामों को तगड़ा झटका लगा है। गोल्ड इतना सस्ता होकर फिर से आम आदमी की पहुंच में आ गया है। सोने के दाम गिरने से कुछ निवेशकों की परेशानी भी बढ़ी है। वहीं, शादियों के सीजन में सोने के दाम (Gold Rate Down) कम होना लोगों के लिए काफी हद तक राहत भरा रहा है।
कहां सोना एक लाख पर जा पहुंचा था और अब कहां जमीन पर आ गिरा है। सोने के दाम तगड़े झटकों के साथ गिर गए हैं। वहीं, यह गिरावट यहां तक ही नहीं आगे भी रहने वाली है, ऐसा एक्सपर्ट्स का कहना है। सोने की कीमत बेहिसाब बढ़ौतरी के बाद ऐसे गिरी हैं।
गिर गई थी ज्वेलरी की खरीदारी
सोने के दाम इस साल इतने बढ़े कि सोने के गहने खरीदने वालों ने बाजार से दूरी बना ली। 16 साल बाद पहली बार ज्वेलरी का कारोबार 25 प्रतिशत तक गिर (Gold Rate Down) गया।
यह दिखाता है कि लोगों ने बहुत जरूरी होने पर ही सोना खरीदा है। वहीं, निवेशकों ने सोने को दबाकर खरीदा है। सोने में निवेशकों का प्रतिशत 7 अंक से बढ़ा है।
सोने के दामों में उतार चढ़ाव का दौर जारी
सोने के दाम इस साल 27 से 30 प्रतिशत तक बढ़े हैं। इसे बाद सोने की कीमतों में फिर गिरावट देखने को मिली है। 22 अप्रैल को सोना 1 लाख को पार कर गया था। 24 कैरेट सोने के भाव सराफा बाजार में एक लाख से ऊपर थे तो एमसीएक्स पर सोने के दाम लाख के बेहद करीब जा पहुंचे थे।
यहां दस ग्राम सोना 99,358 रुपये पर जा पहुंचा था। इसके बाद से सोने के दाम गिर रहे (Gold Rate Down) हैं। फिर शुक्रवार को हल्का उछाल आया है। कुल मिलाकर सोने के दाम मिले जुले चल रहे हैं।
क्यों गिर बढ़े सोने के दाम
सोने के दाम बढ़ने के पीछे सीधा सा कारण ग्लोबल टेंशन को माना जा रहा है। अमेरिका की नीतियों के कारण देशभर के बाजारों में अनिश्चित्तता का माहौल पैदा हुआ, जिससे बाजार ने निवेशकों ने सुरक्षित जगह पैसा लगाना सही समझा और सुरक्षित धातू सोने को मानते हुए इसमें निवेश किया।
इसमें निवेश पीछे यह भी कारण है कि पिछले 11 साल में से सोने ने 8 बार पॉजिटिव रिटर्न दिया है। वहीं, पिछले साल साल से तो सोना ग्रीन पर ही है। जब गिरावट (Gold Rate Down) भी आई है तो निवेशकों का सोने ने बहुत बड़ा नुकसान नहीं कराया है।
अब क्यों गिर रहे दाम
सोने के दाम गिरने का कारण भी अंतरराष्ट्रीय पॉलिटिक्स ही है। इंटरनेशन पॉलिटिक्स के हिसाब से देखें अमेरिका का रूख कुछ नरम पड़ा है। इस वजह से सोने की कीमतों पर दबाव कम हुआ है। दूसरी ओर डॉलर भी मजबूत हुआ है। इससे इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने के दाम गिरे हैं। वहीं, चीन अमेरिका का ट्रेड वार कम हुआ है। इससे सोने की कीमत गिरी हैं।
क्या चल रहे हैं सोने के दाम, कितनी कम हुई कीमत
सोने के दाम अपने ऑल टाइम हाई से बहुत सस्ते हो गए हैं। एकसीएक्स पर 22 अप्रैल को जो सोना 99,358 पर पहुंच गया था, वह अब करीब 7 हजार रुपये गिर गया है। एमसीएक्स पर 5 जून 2025 को एक्सपायर होने वाले गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट 92700 रुपये तोला (Gold Rate Down) पर कारोबार कर रहा है।
वहीं, शनिवार को मात्र 62 रुपये दाम बढ़े हैं, लेकिन ऑल टाइम हाई से 7-8 प्रतिशत कीमत गिरने से निवेशकों को झटका भी लगा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार आगे सोने के दामों में गिरावट जारी रह सकती है।