अमेरिका में ब्याज दरें घटने की उम्मीदों ने एक बार फिर गोल्ड मार्केट में जान डाल दी है। 28 नवंबर को सोने की कीमतों में मजबूती देखने को मिली, हालांकि दो सप्ताह के ऊपरी स्तर छूने के बाद मुनाफावसूली के चलते तेजी थोड़ी कमज़ोर पड़ी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.1% बढ़कर 4,162 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 4,221.30 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहे थे।
भारत में गोल्ड फ्यूचर्स में 0.32% की उछाल
घरेलू बाजार में भी सोने में खरीदारी मजबूत रही।
MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स 401 रुपये (0.32%) चढ़कर 1,25,905 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
आज के गोल्ड रेट इस प्रकार रहे:
- 24 कैरेट सोना: ₹12,846 प्रति ग्राम
- 22 कैरेट सोना: ₹11,775 प्रति ग्राम
- 18 कैरेट सोना: ₹9,634 प्रति ग्राम
नवंबर में गोल्ड ने दिया 4% का रिटर्न
विशेषज्ञों के अनुसार, डॉलर इंडेक्स में कमजोरी के कारण सोने को लगातार सपोर्ट मिल रहा है।
- इस सप्ताह सोना 2.4% ऊपर रहा।
- नवंबर में गोल्ड ने 3.9% का रिटर्न दिया, हालांकि बीच-बीच में प्रॉफिट बुकिंग भी देखने को मिली।
इंडिपेंडेंट एनालिस्ट रॉस नॉर्मन का कहना है,
“तेजी के बाद थोड़ी मुनाफावसूली हुई है, लेकिन गोल्ड का सेंटिमेंट अभी भी बेहद मजबूत है।”
गोल्ड में लंबी अवधि का रुझान पॉजिटिव – एक्सपर्ट का दावा
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वाइस प्रेसिडेंट अक्षा कंबोज के अनुसार:
“गोल्ड अभी भी लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए सुरक्षित विकल्प बना हुआ है। मौजूदा मार्केट सिचुएशन में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है।”
वैश्विक कारक—जैसे बढ़ता ग्लोबल डेट, ट्रेड टैरिफ और केंद्रीय बैंकों द्वारा गोल्ड की भारी खरीदारी—भी कीमतों को ऊपर बनाए हुए हैं।
फेड रेट कट से मिलेगा और सपोर्ट, लेकिन यह एक फैक्टर डाल सकता है ब्रेक
विश्लेषकों का मानना है कि दिसंबर में फेडरल रिजर्व 0.25% ब्याज दर घटा सकता है, जिससे सोने की कीमतों में और मजबूती आएगी। फेड की मॉनेटरी पॉलिसी 10 दिसंबर को आएगी।
हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी कहना है:
- अगर रूस-यूक्रेन संघर्ष में समझौता हुआ, तो भू-राजनीतिक प्रीमियम घटने से गोल्ड की तेजी पर ब्रेक लग सकता है।
