Gold silver: साेना-चांदी खरीदारों के लिए जरूरी खबर। दरअसल आपको बता दें कि सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है, और आज फिर दोनों कीमती धातुओं के भाव में बड़ी कमजोरी देखने को मिली। ऐसे में चलिए आइए नीचे खबर में जान लेते है कि सोना-चांदी के ताजा रेट क्या चल रहे हैं-
सोने और चांदी की कीमतों में पिछले कई दिनों से लगातार गिरावट का रुझान बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार (International market) के साथ-साथ घरेलू बाजार में भी गोल्ड और सिल्वर के दाम कमजोर नजर आ रहे हैं। 8 फरवरी को MCX पर दोनों धातुओं के भाव में उतार-चढ़ाव जरूर रहा, लेकिन कुल मिलाकर गिरावट ही दर्ज की गई।
हाल के दिनों में तेज उछाल के बाद सोने और चांदी की कीमतें (silver price) अब अपने ऑल-टाइम हाई से काफी नीचे आ चुकी हैं, जिससे बाजार में करेक्शन की धारणा मजबूत होती दिख रही है। ऐसे में निवेशकों की नजर आज के ताजा भाव पर टिकी है। आइए जानते हैं कि आज सोना और चांदी किस कीमत पर कारोबार (At what price is gold and silver traded?) कर रहे हैं।
24 कैरेट सोना हुआ सस्ता-
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले सत्र में 24 कैरेट सोने की कीमत 424 रुपये घटकर 1,52,078 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। इससे पहले यह 1,52,502 रुपये पर बंद हुआ था। वहीं, 22 कैरेट सोने के भाव (22 carat gold rate) भी 1,39,692 रुपये से घटकर 1,39,303 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गए। बीते कई सत्रों के आंकड़े बताते हैं कि हालिया तेजी के बाद अब बाजार में तेज करेक्शन का दौर जारी है।
चांदी की कीमत में भी आई गिरावट-
चांदी की कीमतों में भी लगातार उतार-चढ़ाव (Silver prices also fluctuate continuously) देखने को मिल रहे हैं। आज चांदी का भाव (today silver price) 274.90 रुपये प्रति ग्राम और 2,74,900 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया, जो 6 फरवरी के 2,75,000 रुपये प्रति किलोग्राम से 100 रुपये कम है। हाल के सत्रों में चांदी में यह बदलाव निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ा रहा है, और कई लोग आगे के रुझान पर नजर बनाए हुए हैं।
गिरावट का कारण-
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट केवल घरेलू कारणों से नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजार (International bullion market), डॉलर की मजबूती और मांग-आपूर्ति का संतुलन भी इसकी दिशा तय कर रहे हैं। MCX और स्पॉट मार्केट में बिकवाली का दबाव भी कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण बन रहा है। एक्सपर्ट के मुताबिक अगर यह मंदी जारी रहती है तो कई निवेशक इसे खरीद का अवसर मान सकते हैं, जबकि कुछ निवेशक आगे के उतार-चढ़ाव को लेकर सतर्क रहेंगे।
