Gold Silver : सोने और चांदी की कीमतों को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी सामने आई है, जिसने निवेशकों का ध्यान खींचा है। दरअसल एक रिपोर्ट के मुताबिक आपको बता दें कि, बदलते वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक हालात के बीच आने वाले वर्षों में कीमती धातुओं के दाम मौजूदा स्तर से कहीं ज्यादा ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं-
अगर आपको लगता है कि वर्तमान में सोने और चांदी की कीमतें बहुत ऊंची हैं, तो कनाडा के एक बैंक की नई रिपोर्ट आपकी सोच बदल सकती है। कनाडा के प्रसिद्ध बैंक BMO कैपिटल मार्केट्स (capital markets) ने दावा किया है कि आने वाले कुछ वर्षों में सोने और चांदी के दाम ऐसे स्तर तक पहुंच सकते हैं, जिसकी कल्पना करना भी अभी आम आदमी के लिए मुश्किल है।
2027 तक सोने और चांदी की कीमतें उंचाई पर-
BMO कैपिटल मार्केट्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक परिस्थितियों (global circumstances) को ध्यान में रखते हुए साल 2027 तक सोने की कीमत 8,650 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। वहीं, चांदी भी पीछे नहीं रहेगी और इसकी कीमत 220 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना है।
अगर इसे भारतीय मुद्रा (indian currency) यानी रुपये में देखें, तो रिपोर्ट के अनुसार 2027 की चौथी तिमाही तक 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 2.83 से 3 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। चांदी की बात करें तो इसकी कीमत 7.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक जाने की संभावना जताई गई है, जो और भी अधिक चौंकाने वाला है।
दामों में इतना भारी उछाल का कारण क्या है-
अब सवाल यह उठता है कि आखिर कीमतों में इतनी तेजी का कारण क्या है? बैंक के कमोडिटी एनालिस्ट्स का मानना है कि दुनिया का भू-राजनीतिक (geopolitical) और वित्तीय ढांचा (financial structure) तेजी से बदल रहा है। रिपोर्ट में ‘Sell America’ ट्रेड का भी जिक्र किया गया है, जिसका मतलब है कि अमेरिकी डॉलर और वहां के बॉन्ड मार्केट में कमजोरी देखने को मिल रही है।
निवेशक अब कागजी मुद्रा (Fiat Currency) पर भरोसा कम करने लगे हैं और सरकारी बैलेंस शीट्स (government balance sheet) पर दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे अनिश्चित माहौल में अपनी पूंजी सुरक्षित रखने के लिए निवेशक ‘सेफ हेवन’ माने जाने वाले सोने और चांदी की ओर रुख कर रहे हैं। जापानी बॉन्ड्स (Japanese bonds) में बिकवाली और येन के उतार-चढ़ाव ने भी इस चिंता को बढ़ा दिया है, जिससे सोने की मांग में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है।
सारे रिकॉर्ड तोड़ेगी चांदी-
अकसर निवेशक सोने की चमक में चांदी की ओर ध्यान नहीं देते, लेकिन BMO की रिपोर्ट ने चांदी के महत्व को पूरी तरह से उजागर कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, सोने की तुलना में चांदी का प्रदर्शन काफी तेज (Silver’s performance is much faster than gold) रहा है, जिससे गोल्ड-सिल्वर रेशियो 50 के नीचे आ गया है।
नए वैश्विक जोखिम वातावरण (global risk environment) में चांदी एक मजबूत निवेश विकल्प के रूप में उभर रही है। बैंक का अनुमान है कि 2026 के अंत तक चांदी की कीमत 160 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है, जबकि 2027 के अंत तक यह 220 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है।
इन शर्तों पर आधारित है यह अनुमान-
हालांकि, इतनी बड़ी तेजी कुछ खास परिस्थितियों पर ही निर्भर करेगी। BMO के अनुसार, यह लक्ष्य तभी संभव है जब दुनिया भर के केंद्रीय बैंक (Central Banks) हर तिमाही औसतन 8 मिलियन औंस सोने की खरीद जारी रखें। इसके साथ ही गोल्ड ईटीएफ (ETF) में भी हर तिमाही 4 से 5 मिलियन औंस के निवेश का प्रवाह बना रहना जरूरी होगा।
अगर अमेरिकी डॉलर में कमजोरी बनी रहती है और रियल यील्ड (Real Yield) निचले स्तर पर रहती है, तो सोने की कीमतें 2026 की चौथी तिमाही तक 6,350 डॉलर प्रति औंस और 2027 तक 8,650 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकती हैं।
