मंगलवार को कीमती धातुओं के बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। सोना और चांदी दोनों की कीमतें एक साथ फिसलीं, जिससे निवेशकों और खरीदारों में हलचल बढ़ गई। MCX पर गोल्ड-सिल्वर में भारी गिरावट आई, वहीं घरेलू बाजार में भी दाम तेजी से नीचे आए। आइए जानते हैं कितनी टूटी कीमतें और क्यों गिरीं गोल्ड-सिल्वर की चमक।
MCX पर सोना कितना टूटा?
मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर एक्सपायरी वाले 24 कैरेट गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट में बड़ी गिरावट आई।
सोने में 976 रुपये की गिरावट दर्ज की गई और इसका रेट घटकर:
👉 ₹1,21,951 प्रति 10 ग्राम रह गया।
सोमवार को यह ₹1,22,927 पर बंद हुआ था।
अगर गोल्ड के ऑल-टाइम हाई ₹1,32,294 से तुलना करें तो यह अभी:
👉 ₹10,343 प्रति 10 ग्राम सस्ता मिल रहा है।
Silver Price Today: चांदी में भी जोरदार गिरावट
चांदी की कीमतों पर भी दबाव बढ़ता दिखा।
सोमवार को MCX पर चांदी ₹1,55,312 प्रति किलो पर बंद हुई थी, जबकि मंगलवार को:
👉 ₹1,53,882 प्रति किलो पर आ गई।
यानी चांदी ₹1,430 प्रति किलो लुढ़क गई।
अपने हाई ₹1,70,415 प्रति किलो से चांदी अभी:
👉 ₹16,533 प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।
घरेलू बाजार में कितनी सस्ती हुई गोल्ड-सिल्वर?
IBJA (इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन) के अनुसार:
सोना (24 कैरेट)
- सोमवार का बंद भाव: ₹1,22,924 प्रति 10 ग्राम
- मंगलवार की ओपनिंग: ₹1,21,366 प्रति 10 ग्राम
यानी ओपनिंग के साथ ही गोल्ड ₹1,558 प्रति 10 ग्राम टूट गया।
चांदी (999)
- सोमवार का क्लोज: ₹1,54,933 प्रति किलो
- मंगलवार की ओपनिंग: ₹1,51,850 प्रति किलो
मतलब चांदी ₹3,083 प्रति किलो नीचे खुली।
सोना-चांदी की गिरावट के 3 बड़े कारण
कीमतों में इस भारी गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय संकेतों की अहम भूमिका रही।
1. अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना
डॉलर के मजबूत होते ही सोना-चांदी की कीमतें अन्य मुद्राओं में महंगी हो जाती हैं।
इससे विदेशी निवेश कम होता है और दाम गिर जाते हैं।
2. ट्रेड टेंशन कम होना
अमेरिका कई देशों के साथ ट्रेड डील कर रहा है।
जब व्यापारिक तनाव कम होता है तो निवेशक ‘सेफ हेवन’ यानी गोल्ड-सिल्वर में निवेश करना कम कर देते हैं।
3. फेडरल रिजर्व की पॉलिसी और ब्याज दरों पर असर
फेड की ओर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम हो गई हैं।
चूंकि सोना-चांदी ब्याज नहीं देते, इसलिए:
- ब्याज दरों में बढ़ोतरी का डर
- या कटौती की कम उम्मीद
दोनों ही स्थिति में इन धातुओं की मांग घटती है।
फेड के ताजा संकेतों से साफ है कि निकट भविष्य में दरों में कोई ढील नहीं मिलने वाली। इससे गोल्ड-सिल्वर की कीमतों पर दबाव बना है।
