Gold silver rate: सोने-चांदी की कीमतों में आज हल्की तेजी देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और अमेरिकी रोजगार डेटा से रेट प्रभावित हुए हैं। एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों में उतार-चढ़ाव देखा गया। निवेशक और आम लोग दोनों इस बदलाव पर नजर रखे हुए हैं… आइए नीचे खबर में चेक कर लेते है इनके ताजा रेट-
एमसीएक्स पर आज सोने और चांदी के रेट (silver price) में हल्की बढ़त दर्ज की गई है। वहीं, कल 13 फरवरी को इनकी कीमतें गिर गई थीं क्योंकि अमेरिका में मजबूत रोजगार डेटा सामने आया, जिससे डॉलर मजबूत हुआ और फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ब्याज दर घटाने की संभावना कम हो गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड (Spot Gold in the International Market) 0.4% गिरकर 5058.64 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स अप्रैल डिलीवरी 0.3% की गिरावट के साथ 5080 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई। चांदी में और अधिक गिरावट हुई, स्पॉट सिल्वर 1.4% घटकर 82.87 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इससे पहले बुधवार को चांदी में करीब 4% तेजी देखी गई थी, लेकिन मजबूत अमेरिकी डेटा के चलते मुनाफा वसूली हुई।
सोने-चांदी के आज के रेट-
भारत में एमसीएक्स (MCX Gold Price) पर भी सोना और चांदी के रेट में असर दिखा, क्योंकि घरेलू कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आधारित होती हैं। आज सोने का रेट 10 ग्राम के लिए 1,700 रुपये बढ़कर 1,54,519 रुपये हो गया है। वहीं, चांदी 4,600 रुपये प्रति किलोग्राम की तेजी के साथ 2,41,393 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही है।
अलग-अलग शहरों में सोने-चांदी के दाम-
मुंबई (Mumbai gold price), चेन्नई और कोलकाता में 22 कैरेट सोना 1,45,190 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 1,58,390 रुपये प्रति 10 ग्राम है। पुणे और बेंगलुरु में भी 24 कैरेट सोना 1,58,390 रुपये और 22 कैरेट 1,45,190 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है। दिल्ली में 24 कैरेट का भाव (24 carat price in Delhi) 1,58,540 रुपये और 22 कैरेट 1,45,340 रुपये प्रति 10 ग्राम है। चांदी 14 फरवरी की सुबह 2,95,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है।
किस वजह से आया सोने-चांदी पर दबाव-
अमेरिका में जनवरी का नॉनफार्म पेरोल्स डेटा (Nonfarm Payrolls Data) उम्मीद से बेहतर रहा। जनवरी में 1,30,000 नई नौकरियां बनीं, जबकि विशेषज्ञ केवल 70,000 के आसपास की उम्मीद कर रहे थे। बेरोजगारी दर थोड़ी घटकर 4.3% पर आ गई। इससे अमेरिकी डॉलर इंडेक्स लगातार दो दिन मजबूत हुआ। मजबूत डॉलर और बढ़ी ट्रेजरी यील्ड्स के कारण (Reasons for Rising Treasury Yields) सोना और चांदी पर दबाव पड़ा, क्योंकि विदेशी खरीदार महंगे सोने को कम खरीद पाए।
यह डेटा फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर असर डाल रहा है। बाजार अब मान रहा है कि फेड जल्दी ब्याज दरें नहीं घटाएगा और लंबे समय तक उच्च दरें बनाए रख सकता है। इससे सोने जैसी सुरक्षित संपत्ति की मांग थोड़ी कम हुई, क्योंकि उच्च ब्याज दरों में बॉन्ड (Bonds with high interest rates) अधिक आकर्षक लगते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सोने का भाव 6,000 डॉलर प्रति औंस तक बढ़ने के लिए गंभीर परिस्थितियों की जरूरत होगी, जैसे डॉलर में तेज कमजोरी, आक्रामक दर कटौती (aggressive rate cuts), केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी, महंगाई का दबाव या बड़ा भू-राजनीतिक झटका।
वीटी मार्केट्स के ग्लोबल स्ट्रैटेजी लीड रॉस मैक्सवेल (Ross Maxwell, Global Strategy Lead, VT Markets) के अनुसार, पिछले 18-24 महीनों में सोने की कीमत काफी बढ़ चुकी है, इसलिए बिना किसी बड़े वैश्विक संकट के 6,000 डॉलर प्रति औंस दूर की संभावना है। लेकिन लंबे समय में डी-डॉलराइजेशन (De-dollarization), महंगाई और रिजर्व विविधीकरण से सपोर्ट मिल सकता है।
भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions), जैसे ईरान से जुड़े मुद्दे, सोने को कुछ सहारा देते हैं, लेकिन मजबूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था के कारण दबाव बना हुआ है। सोने और चांदी में निवेश करने वाले निवेशकों को आने वाले आर्थिक डेटा पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि कीमतें जल्दी बदल सकती हैं।
