Gold Silver Price : सोने-चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पिछले साल सोने और चांदी दोनों कीमती धातुओं में बंपर तेजी दर्ज की गई है। पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अब साल 2026 में जबरदस्त उछाल के बाद फरवरी की शुरूआत में रेट तेजी से नीचे गिरे हैं। लेकिन अब कुछ दिनों से सोना और चांदी तेजी से गिरावट को रिकवर कर रहे हैं। ऐसे में लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं कि आने वाले दिनों में सोने व चांदी का रेट कहां तक जाएंगे। इसपर BMO कैपिटल मार्केट्स ने एक ताजा रिपोर्ट जारी की है। चलिए जानते हैं –
सोने और चांदी की कीमतों में हो रही बढ़ौतरी लोगों के होश उड़ा रही है। कुछ दिनों पहले आई ऐतिहासिक गिरावट के बाद सोने और चांदी में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। सोना अपने ऑलटाइम हाई 1 लाख 90 हजार रुपये से टूटकर 1 लाख 40 हजार रुपये से नीचे आ गया था। वहीं चांदी 4 लाख 20 हजार रुपये से टूटकर 2 लाख 25 हजार पर आ गई थी। लेकिन अब सोने और चांदी में तेजी देखने को मिल रही है।
आज सोने और चांदी का रेट –
आज 13 फरवरी को MCX पर सोना (MCX Gold rate) 157550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी की कीमतों की बात करें तो यह 259300 रुपये प्रति किलोग्राम पर जा पहुंची है। लगातार सोने और चांदी में आ रही तेजी को देखते हुए एक्सपर्ट भविष्य में क्या रेट होंगे इसका अंदाजा लगा रहे हैं। हाल ही में कनाडा के प्रतिष्ठित बैंक BMO कैपिटल मार्केट्स की और से आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमत (Gold Silver Price) क्या होगी इसको लेकर एक दावा किया है।
BMO कैपिटल मार्केट्स का बड़ा दावा –
कनाडा के एक बैंक की यह नई रिपोर्ट आपके पैरों तले जमीन खिसका सकती है। कनाडा के प्रतिष्ठित बैंक BMO कैपिटल मार्केट्स ने दावा किया है कि अगले कुछ वर्षों में सोने और चांदी के भाव (Sone Chandi Ka Bhav) सारे रिकॉर्ड तोड़ने वाले हैं, जिसकी कल्पना करना भी अभी आम आदमी के लिए मुश्किल है। पिछले 12 से 13 महीने में जो तेजी आई है वह इन आंकड़ों के आगे कुछ भी नहीं होगी।
2027 में ये होगी सोने की कीमत –
BMO कैपिटल मार्केट्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक हालात जिस दिशा में जा रहे हैं, उसे देखते हुए अगले साल यानी 2027 तक सोने की कीमत (Gold Rate 2027) 8,650 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। वहीं, चांदी भी इस मामले में पीछे नहीं है। यह 220 डॉलर प्रति औंस के पार जा सकती हैं।
अगर हम भारतीय रुपये में समझें, तो रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2027 की चौथी तिमाही तक सोने का भाव लगभग 2.83 से 3 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। इससे भी ज्यादा हैरानी चांदी (Silver rate 2027) को लेकर है, जिसकी कीमत 7.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर सकती है।
इस वजह से आएगी भारी तेजी –
सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल के पीछे कई प्रमुख कारक हैं? बैंक के कमोडिटी एनालिस्ट्स का मानना है कि दुनिया का जियोपॉलिटिकल (भू-राजनीतिक) और फाइनेंशियल ऑर्डर तेजी से बदल रहा है। रिपोर्ट में ‘Sell America’ ट्रेड का जिक्र किया गया है। इसका मतलब है कि अमेरिकी डॉलर और वहां के बॉन्ड मार्केट में कमजोरी आ रही है।
निवेशकों का भरोसा अब कागजी मुद्रा (Fiat Currency) से उठ रहा है और सरकारी बैलेंस शीट्स पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे अनिश्चित माहौल में निवेशक अपनी पूंजी बचाने के लिए ‘सेफ हेवन’ माने जाने वाले सोने और चांदी की तरफ भाग रहे हैं. जापानी बॉन्ड्स में बिकवाली और येन में उतार-चढ़ाव ने भी इस डर को और हवा दी है, जिससे गोल्ड की मांग में जबरदस्त तेजी आई है।
चांदी को लेकर BMO की रिपोर्ट ने बदला नजरिया –
अक्सर निवेशक सोने की चमक में चांदी (Silver) को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन BMO की रिपोर्ट ने चांदी को लेकर अपना नजरिया पूरी तरह बदल दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोने के मुकाबले चांदी का प्रदर्शन काफी तेज है, जिससे गोल्ड-सिल्वर रेश्यो 50 से नीचे आ गया है। नए ग्लोबल रिस्क एनवायरनमेंट में चांदी एक मजबूत संपत्ति बनकर उभर रही है। बैंक का अनुमान है कि 2026 के अंत तक चांदी 160 डॉलर प्रति औंस और 2027 के अंत तक 220 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच जाएगी।
अगर ऐसी परिस्थिति होती है तो 100% सटीक होगा दावा –
जानकारी के लिए बता दें कि सोने और चांदी की कीमतों (Sone Chandi Ka rate) में आने वाली यह भारी-भरकम तेजी कुछ विशेष परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। BMO का कहना है कि यह लक्ष्य तभी हासिल होगा जब दुनिया भर के केंद्रीय बैंक (Central Banks) हर तिमाही औसतन 8 मिलियन औंस सोना खरीदना जारी रखेंगे। इसके अलावा, गोल्ड ईटीएफ (ETF) में भी हर तिमाही 4 से 5 मिलियन औंस का निवेश आना जरूरी है। अगर अमेरिकी डॉलर में कमजोरी जारी रहती है और रियल यील्ड (Real Yield) कम बनी रहती है, तो सोने की कीमतें 2026 की चौथी तिमाही तक 6,350 डॉलर प्रति औंस और 2027 तक 8,650 डॉलर प्रति औंस के आंकड़े को छू लेगा।
