Gold Silver Rates : सोने और चांदी की कीमतों में पिछले साल की तेजी का असर इस साल भी देखने को मिल सकता है। बाजार के ताजा आंकड़े और एक्सपर्ट्स के अनुमान बता रहे हैं कि दोनों कीमती धातुएं (precious metals) आने वाले महीनों में नए स्तर छू सकती हैं… ऐसे में चलिए आइए नीचे खबर में जान लेते है उन फैक्टर्स के बारे में जो इन्हें प्रभावित करते हैं-
सोने और चांदी की कीमतों में 2025 में देखी गई तेजी आगे भी बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है। एनालिस्ट के मुताबिक, सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर बढ़ती मांग और इंडस्ट्रियल सेक्टर से मजबूत डिमांड इसके प्रमुख कारण हैं।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी एक्सपायरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स में इस हफ्ते तेज उछाल देखा गया और भाव बढ़कर 1,38,875 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गया, जबकि पिछले हफ्ते यह 1,35,752 रुपए पर बंद हुआ था। वहीं हाजिर बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत (24 carat gold price) भी बढ़कर 1,37,122 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई, जो पिछले सप्ताह के 1,34,782 रुपए के मुकाबले ज्यादा है।
कितना पहुंचा सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट –
एमसीएक्स पर मार्च एक्सपायरी वाले सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट (silver contract) में भी इस सप्ताह जोरदार तेजी दर्ज की गई और कीमत बढ़कर 2,52,002 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। इससे संकेत मिलता है कि चांदी ने अपनी हालिया कंसोलिडेशन रेंज (consolidation range) को निर्णायक रूप से तोड़ते हुए एक बार फिर मजबूत बुलिश ट्रेंड में एंट्री कर ली है।
कॉमेक्स पर चांदी वायदा का ताजा अंतरराष्ट्रीय भाव-
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, कॉमेक्स पर सोना (gold on comex) करीब 4,500 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर मजबूती से बना हुआ है। इसमें 1% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है और कई हफ्तों की मजबूत रैली के बाद फिलहाल यह अपने रिकॉर्ड हाई से थोड़ा नीचे स्थिर होता नजर आ रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि इस दौरान कॉमेक्स पर चांदी (silver on comex) वायदा में 6% से ज्यादा की तेजी आई और भाव बढ़कर करीब 79.79 डॉलर प्रति औंस पहुंच गया। यह उछाल 75 डॉलर के स्तर से देखने को मिला, जिसका कारण औद्योगिक मांग (Industrial Demand) का दोबारा मजबूत होना और साथ ही सुरक्षित निवेश के लिए बढ़ी खरीदारी रही।
ग्रीन एनर्जी सेक्टर से बढ़ी चांदी की डिमांड-
चांदी में निवेशकों का सेंटिमेंट (Investor sentiment in silver) मजबूत बना हुआ है। इसे लगातार सप्लाई में कमी, सेंट्रल बैंकों की रिकॉर्ड खरीदारी और सोलर, ईवी व एआई इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी ग्रीन-एनर्जी (green energy) की बढ़ती मांग का सपोर्ट मिल रहा है। वहीं, 2025 में सोने और चांदी दोनों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। इस अवधि में सोने की कीमत में करीब 66% और चांदी में 171% से ज्यादा की तेजी (silver price hike) दर्ज की गई है।
कितना पहुंच सकती है कीमत-
जानकारों के मुताबिक, 2026 के अंत तक सोने की कीमत (gold price 2026) $5,000 प्रति औंस (करीब ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम) या उससे ऊपर पहुंच सकती है। वहीं, चांदी के दाम $100 प्रति औंस (लगभग ₹2.80 से ₹3.20 लाख प्रति किलो) तक जाने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव, औद्योगिक मांग में लगातार बढ़ोतरी और सीमित आपूर्ति जैसे फैक्टर कीमतों को और ऊपर ले जा सकते हैं।
