पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है। मंगलवार को दोनों कीमती धातुओं के दाम में गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में हलचल बढ़ गई है।
आज कितना सस्ता हुआ सोना-चांदी?
ताजा आंकड़ों के अनुसार:
- सोना: ₹2360 की गिरावट के साथ करीब ₹1.37 लाख प्रति 10 ग्राम
- चांदी: ₹9050 टूटकर करीब ₹2.16 लाख प्रति किलो
लगातार गिरावट के चलते बाजार में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
ग्लोबल मार्केट में भी सोने-चांदी पर दबाव देखने को मिल रहा है:
- कॉमेक्स पर सोना करीब 3% गिरकर $4,462 प्रति औंस
- पिछले हफ्ते सोने में लगभग 11% गिरावट, जो 1983 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है
- चांदी भी करीब 3% गिरकर $67.5 प्रति औंस
इससे साफ है कि वैश्विक स्तर पर भी निवेशकों का रुझान कमजोर हुआ है।
गिरावट की मुख्य वजह क्या है?
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं:
- पश्चिम एशिया (ईरान से जुड़ा तनाव)
- बढ़ती महंगाई की चिंता
- ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की संभावना
- निवेशकों द्वारा जोखिम कम करना
चूंकि सोना ब्याज नहीं देता, इसलिए ऊंची ब्याज दरों के माहौल में निवेशक इससे दूरी बना लेते हैं।
रिकॉर्ड स्तर से कितना नीचे आया सोना?
- जनवरी 2026 में सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर था
- अब यह अपने हाई से करीब 20–22% नीचे आ चुका है
- हाल ही में कीमतें $4,098 प्रति औंस तक फिसल गई थीं (4 महीने का निचला स्तर)
हालांकि बाद में इसमें हल्की रिकवरी भी देखने को मिली।
क्या आगे भी जारी रहेगी गिरावट?
विश्लेषकों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार में तेज उतार-चढ़ाव (volatility) जारी रह सकता है।
👉 निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं
👉 वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है
👉 महंगाई और ब्याज दरों का असर जारी रहेगा
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
- शॉर्ट टर्म में कीमतें तेजी से बदल सकती हैं
- जल्दबाजी में निवेश करने से बचें
- लंबी अवधि के नजरिए से सोना अभी भी सुरक्षित विकल्प माना जाता है
निष्कर्ष
सोने और चांदी में आई हालिया गिरावट ने बाजार में हलचल जरूर बढ़ाई है, लेकिन यह गिरावट कई वैश्विक कारणों का नतीजा है।
👉 शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा
👉 लॉन्ग टर्म में सोना फिर मजबूत हो सकता है
इसलिए निवेश से पहले सही रणनीति अपनाना बेहद जरूरी है।
