Govt – सरकार के नए फैसलों के बाद कई उत्पादों के दाम बदलेंगे। बजट 2026-27 में कुछ चीजों के आयात शुल्क घटाए गए हैं, जिससे जूते और अन्य उत्पाद सस्ते होंगे। वहीं शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले एल्कोहल पर टैक्स बढ़ने से शराब महंगी होगी…ऐसे में चलिए आइए नीचे खबर में चेक कर लेते है इन बदलावों की पूरी लिस्ट-
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल के बजट में कई बड़े एलान किए हैं। सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था को अमेरिकी टैरिफ से बचाने के लिए नए प्रावधान किए हैं। इसमें निर्यात बढ़ाने के लिए कुछ आयात शुल्क घटाए (reduce import duty) गए हैं, जिससे व्यापारियों को राहत मिलेगी। इसके अलावा घरेलू खपत बढ़ाने (increase domestic consumption) के लिए भी कई चीजों के शुल्क में कटौती की गई है।
जानें क्या होगा सस्ता, और क्या महंगा-
– समुद्री खाद्य उत्पादों (sea food products) की प्रोसेसिंग के लिए शुल्क मुक्त आयात की सीमा बढ़ा दी गई है, जिससे ये सस्ते होंगे। इससे मछलीपालन उद्योग से जुड़े कारोबारियों और रोजगारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
– चमड़े और वस्त्र परिधानों के निर्यात (Export of leather and textile garments) में व्यापारियों की सहायता करने के लिए इनके कच्चे माल के आयात पर छूट की समयसीमा एक साल बढ़ाई गई है। देश में इनकी कीमत जस-की-तस बनी रहेगी।
– जूतों के ऊपरी हिस्सों के निर्यात (Export of shoe uppers) को बढ़ावा देने के लिए इनके शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी गई है। यानी विदेश भेजे जाने वाले जूतों की निर्माण लागत कम होगी। इससे देश में बिकने वाले जूते भी सस्ते होंगे।
– लिथियम आयन सेल विनिर्माण (lithium ion cell manufacturing) में प्रयोग होने वाली वस्तुओं पर सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी। इससे लिथियम आयन तकनीक से संचालित होने वाली बैटरी देश में सस्ती होंगी। इससे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) के क्षेत्र को मदद मिलेगी और यह सस्ते हो सकते हैं।
– न्यूक्लियर परियोजनाओं (nuclear projects) के लिए जरूरी वस्तुओं के आयात पर छूट जारी रहेगी।
– सोडियम एंटीमोनेट (sodium antimonate) के आयात शुल्क पर मूल सीमा शुल्क में छूट। इसका इस्तेमाल टेलीविजन ट्यूब्स (telivision tubes) के फाइनिंग और ऑप्टिकल ग्लास में किया जाता है। साथ ही दमकल उपकरणों में इनका प्रयोग होता है। यानी टीवी-शीशे की बनी चीजें और दमकल उपकरण सस्ते हो सकते हैं।
– अहम खनिजों की प्रोसेसिंग के लिए जरूरी वस्तुओं के आयात पर छूट मिलेगी। इससे सेमीकंडक्टर क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा खनन और इसका प्रसंस्करण सस्ता होगा।
– बायोगैस मिश्रित सीएनजी (Biogas blended CNG) पर केंद्रीय सीमा शुल्क की गणना में बायोगैस के मूल्य पर छूट मिलेगी। यह सस्ती होगी।
– एयरक्राफ्ट विनिर्माण के घटकों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट (Exemption from basic customs duty) का प्रस्ताव। भारत में विमान बनाना सस्ता होगा। मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन मिलेगा।
– तेंदुपत्ता पर ‘स्रोत पर कर संग्रह’ (टीसीएस) को पांच फीसदी से घटाकर दो प्रतिशत किया गया। यह सस्ते होंगे।
– शिक्षा और चिकित्सा जरूरतों के लिए रेमिटेंस (भेजे जाने वाली रकम) पर टीसीएस को पांच प्रतिशत से दो प्रतिशत पर लाने का प्रस्ताव। इन जरूरतों के लिए विदेश से 10 लाख रुपये तक का लेन-देन सस्ता होगा। बाकी जरूरतों पर 20 फीसदी टीसीएस (tcs) लगता रहेगा।
– रक्षा क्षेत्र के विमानों के पुर्जे (Defence aircraft parts) के लिए आयातित कच्चे माल पर मूल सीमा शुल्क में छूट। भारत में रक्षा उपकरण बनाना भी सस्ता होगा। विदेशी कंपनियां भारतीय कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ा कर आत्मनिर्भर भारत पर जोर दे सकेंगी।
– निजी उपयोग के लिए आयातित सभी शुल्क योग्य वस्तुओं पर टैरिफ घटकर 10 फीसदी होगा। यह सभी सस्ते होंगे।
– माइक्रोवेव ओवन (microwave oven) के निर्माण में इस्तेमाल पुर्जों के मूल सीमा शुल्क में छूट। यह सस्ते होंगे।
– कैंसर रोगियों (cancer patients) के लिए 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट। 7 अन्य गभीर रोगों की दवाओं के लिए निजी आयात शुल्क में छूट। यह सभी सस्ती होंगी।
– 10 लाख रुपये तक के पर्यटन (tourism) पैकेज टीसीएस पांच फीसदी से दो फीसदी पर लाने का प्रस्ताव। यह सस्ता होगा। 10 लाख रुपये से ऊपर के टूर पैकेज पर 20 फीसदी का टीसीएस लागू रहेगा।
क्या होगा महंगा?
– शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले एल्कोहल पर ‘स्रोत पर कर संग्रह’ (TCS) बढ़ाकर 1% से 2% कर दिया गया है। इसका मतलब है कि शराब की कीमतें बढ़ सकती हैं।
– आयकर (Income tax) की गलत जानकारी देने पर टैक्स की राशि का 100% जुर्माने का प्रावधान।
– कबाड़ पर भी टीसीएस (TCS on scrap) को एक प्रतिशत से दो प्रतिशत किया गया। यानी कबाड़ महंगा होगा।
– खनिजों, खासकर कोयले और लौह अयस्कों पर टीसीएस को एक प्रतिशत से दो प्रतिशत किया गया। यह महंगे होंगे।
– चल संपत्ति का खुलासा (disclosure of movable property) न करने पर जुर्माना लगेगा।
– स्टॉक ऑप्शन्स (stock options) और फ्यूचर ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी। लेन-देन पर टैक्स 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है।
