Govt employee’s: सरकारी कर्मचारियों के लिए सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है। दरअसल आपको बता दें कि वित्त वर्ष 2026-27 के अंतरिम बजट में कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 4 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की गई है। इस फैसले से कर्मचारियों की आय बढ़ेगी और खर्च की मजबूरी में राहत मिलेगी… अपडेट से जुड़ी पूरी डिटेल जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-
पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4.06 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया, जिसमें महिलाओं, युवाओं और राज्य कर्मचारियों के लिए कई अहम घोषणाएं शामिल हैं। राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य (State Finance Minister Chandrima Bhattacharya) ने बजट पेश करते समय महंगाई भत्ता (DA) में वृद्धि की भी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि ‘लक्ष्मीर भंडार’ योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली मासिक सहायता राशि फरवरी से 500 रुपये बढ़ाई जाएगी।
जानें पूरी डिटेल-
उन्होंने बेरोजगार युवाओं के लिए ‘बांग्लार युवा साथी’ नाम से नई योजना (New scheme named ‘Banglar Yuva Sathi’) की भी घोषणा की। इसके तहत 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के बेरोज़गारों को प्रति माह 1,500 रुपये का भत्ता मिलेगा। यह सहायता तब तक जारी रहेगी जब तक उन्हें नौकरी नहीं मिलती या अधिकतम पांच वर्ष तक, जो भी पहले हो। इसके अलावा, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मासिक मानदेय राशि (Monthly honorarium amount of Anganwadi workers) में 1,000 रुपये की वृद्धि भी बजट में शामिल की गई।
पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई में संभावित विधानसभा चुनावों से पहले पेश किए गए अंतरिम बजट में सामाजिक कल्याण (Social welfare in the interim budget), रोजगार सहायता और जमीनी स्तर के कर्मचारियों पर खास ध्यान दिया गया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने राज्य सरकार को 2008 से 2019 तक की अवधि के लिए कर्मचारियों का बकाया महंगाई भत्ता (Dearness Allowance dues of employees) भुगतान करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने 6 मार्च तक बकाया डीएई का 25% भुगतान करने का आदेश भी दिया।
पीटीआई ने बेंच के हवाले से बताया, “महंगाई भत्ता प्राप्त करना पश्चिम बंगाल राज्य के कर्मचारियों (West Bengal State employees) का कानूनी अधिकार है। अपीलकर्ता राज्य के कर्मचारी 2008-2019 की अवधि के लिए बकाया राशि के भुगतान के हकदार होंगे।” यह मामला तब शुरू हुआ जब कुछ राज्य सरकारी कर्मचारियों ने कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Cour)t में याचिका दायर कर केंद्र सरकार कर्मचारियों के समान दर पर डीएई और लंबित बकाया राशि की मांग की थी।
