GST Cut On Cars: देश के बाजार में सबसे ज़्यादा गाड़ियाँ दिवाली और धनतेरस के दौरान बिकती हैं। इस बार यह त्योहार ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए और भी ख़ास हो सकता है। आपको बता दें कि सरकार कई कारों और दोपहिया वाहनों पर टैक्स 28% से घटाकर 18% कर सकती है। जिसके बाद गाड़ियों की कीमतों में भारी गिरावट आ सकती है। हालाँकि, लग्ज़री गाड़ियों पर टैक्स ज़्यादा रह सकता है, जो लगभग 40% होगा। अगर आप इस त्योहार पर कार, स्कूटर या बाइक खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है।
ग्राहक प्रतीक्षा कर सकते हैं
एसएंडपी ग्लोबल मोबिलिटी के गौरव वंगल कहते हैं कि जीएसटी में कटौती से ग्राहकों और ऑटो कंपनियों, दोनों को फायदा होगा। लेकिन अगर सरकार छोटी गाड़ियों पर टैक्स कम करती है और दूसरी तरफ लंबी गाड़ियों पर टैक्स बढ़ाती है, तो कीमतों में मिलने वाला फायदा काफी कम हो सकता है। ऐसे में कई ग्राहक टैक्स की स्थिति स्पष्ट होने तक खरीदारी टाल सकते हैं, जिससे थोड़े समय के लिए बिक्री पर असर पड़ सकता है।

बढ़ती मांग से रोजगार सृजन होगा
प्राइमर पार्टनर्स के उपाध्यक्ष निखिल ढाका ने कहा कि टैक्स में कटौती से एंट्री-लेवल वाहनों की कीमतों में 20,000 से 25,000 रुपये तक की कमी आ सकती है। इससे आम आदमी की क्रय शक्ति बढ़ेगी और वाहनों की माँग भी बढ़ेगी। वहीं, एचएसबीसी की एक रिपोर्ट बताती है कि शुरुआत में भले ही सरकार के राजस्व पर असर पड़े, लेकिन वाहनों की बढ़ती बिक्री से रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे।
मारुति सुजुकी को होगा बड़ा फायदा
जीएसटी में कटौती का सबसे ज़्यादा फ़ायदा मारुति सुजुकी को होगा। इसकी वजह यह है कि इससे पोर्टफोलियो में शामिल छोटी कारों, जैसे ऑल्टो के10, स्विफ्ट, बेलेनो, सेलेरियो, डिज़ायर और वैगनआर, की बिक्री बढ़ेगी। इसके साथ ही टाटा मोटर्स और हुंडई मोटर को भी ज़्यादा फ़ायदा होगा। ये सभी कारें 4 मीटर से कम लंबाई की हैं। दोपहिया वाहनों में होंडा, टीवीएस, बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प जैसी कंपनियों को ज़्यादा फ़ायदा होगा।

ईवी और हाइड्रोजन मॉडल पर जीएसटी कितना है?
जानकारी के लिए बता दें कि देश के बाजार में बैटरी से चलने वाले वाहनों पर सरकार पहले से ही 5 फीसदी टैक्स लगाती है। इन पर कोई अतिरिक्त सेस नहीं लगता। वहीं हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाले मॉडल पर 12 फीसदी जीएसटी लगता है। इन पर सेस भी नहीं लगता। इससे इनकी कीमत में काफी कमी आ सकती है। वहीं तिपहिया वाहनों के ग्राहकों को ज्यादा फायदा होगा। इसकी वजह यह है कि सभी तरह के तिपहिया वाहनों पर 28 फीसदी जीएसटी लगता है। वहीं 28 फीसदी की जगह 18 फीसदी टैक्स लगने से इनकी कीमतों में काफी कमी आ जाएगी।
दोपहिया वाहनों पर कितना GST लगता है?
इसके अलावा, दोपहिया वाहनों पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगता है। इस पर कोई सेस नहीं लगता। 350 सीसी से ज़्यादा के दोपहिया वाहनों पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगता है, साथ ही 3 प्रतिशत टैक्स भी लगता है। इस तरह कुल टैक्स 31 प्रतिशत तक पहुँच जाता है। अगर इन वाहनों को लग्ज़री श्रेणी में न रखा जाए, तो इनकी कीमतें गिर सकती हैं।
4 मीटर लंबाई वाले वाहनों पर जीएसटी
आपको बता दें कि 4 मीटर लंबे और 1200 सीसी वाले पेट्रोल, एलपीजी और सीएनजी वाहनों पर 12% जीएसटी और 1% सेस लगता है। इससे इन पर कुल टैक्स 29% हो जाता है। वहीं, 1500 सीसी इंजन वाली कारों पर 28% जीएसटी और 3% सेस लगता है। इस तरह कुल टैक्स 31% हो जाता है।