Haryana New Railway Line : हरियाणा राज्य में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। राज्य को रेलवे नेटवर्क के जरिए देश के हर राज्य के साथ जोड़ने के लिए नई-नई रेलवे लाइन बनाई जा रही है। अब हरियाणा के एक जिले में 1971 से उठाई जा रही रेलवे लाइन की मांग को सरकार ने मान लिया है और नई रेलवे लाइन बनाने की मंजूरी दे दी है। आईए जानते हैं इस नई रेलवे लाइन का रूट क्या होगा।
देश में मजबूत रेलवे नेटवर्क के मामले में हरियाणा राज्य टॉप 11 की लिस्ट में शामिल है। इस लिस्ट में नंबर वन पर पोजीशन बनाने के लिए सरकार हरियाणा में लगातार नई-नई रेलवे लाइन का निर्माण कर रही है। अब राज्य में एक और नई रेलवे लाइन बनाने का ऐलान किया गया है।
हरियाणा के विकास को गति देने के लिए नई रेलवे लाइन (Haryana New Railway Line) बनाने की तैयारी चल रही है। यह रेलवे लाइन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित नूंह जिले में बनाई जाएगी। यह जिला पहली बार रेलवे नेटवर्क से जुड़ेगा।
केंद्र सरकार ने दी नई रेलवे लाइन को मंजूरी –
हाल ही में केंद्र सरकार ने दिल्ली–सोहना–नूंह–फिरोजपुर झिरका–अलवर तक नई रेलवे लाइन (New Railway Line Latest Update) निर्माण को मंजूरी दे दी है। सरकार ने इस परियोजना के लिए ₹2500 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की है। सरकार के इस फैसले से लाखों लोगों को फायदा मिलेगा। दरअसल, जिले में रेलवे कनेक्टिविटी नहीं होने की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब यह नई रेलवे लाइन हरियाणा (New Railway Line Haryana) के नूंह जिले के विकास को तेज करेगी। इसके साथ ही आसपास के इलाकों में प्रॉपर्टी की रेट बढ़ेंगे।
1971 से उठ रही थी रेल लाइन की मांग
नूंह जिले में नई रेलवे लाइन (New Railway Line News) की मांग सन 1971 में गुरूग्राम के तत्कालीन सांसद चौधरी तैयब हुसैन ने संसद में रखी थी। इसके बाद भी कई बार यह प्रस्ताव दोहराया गया। हाल ही में भिवानी–महेंद्रगढ़ के सांसद धर्मबीर सिंह और गुरुग्राम के सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी इस परियोजना को आगे बढ़ाने की पहल की थी अंततः केन्द्र सरकार ने पिछले बजट में इसे औपचारिक मंजूरी दे दी।
इतने साल बाद चालू होगी नई रेलवे लाइन –
रेलवे मंत्रालय के अनुसार, इस नई रेलवे लाइन (New Railway Line) की कुल लंबाई 104 किलोमीटर होगी। इस रेलवे लाइन पर सात नई रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। यह नई रेलवे लाइन हरियाणा और राजस्थान दोनों राज्यों के विकास गति को तेजी देगी। मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया है कि इस परियोजना का निर्माण कार्य अगले 3 सालों में पूरा कर लिया जाएगा और इसे 2028 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
मेवात नाम से जाने-जाने वाला नंहू जिला साल 2005 में गुरुग्राम से अलग होकर एक नया जिला बना था। तब से इस जिले में रेलवे की कनेक्टिविटी नहीं है जिसके चलते लाखों लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही उद्योग से जुड़ी सुविधाओं में भी लोगों को कठिनाई होती है।
115 अति पिछड़े जिलों के विकास को मिलेगी रफ्तार –
नई रेल लाइन बनने से स्थानीय व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के तहत शुरू की गई है, जिसमें देश के 115 अति पिछड़े जिलों के विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नूंह भी इन्हीं जिलों में शामिल है।
