Haryana News : देश के कई इलाकों में बढ़ती आबादी के साथ-साथ कूड़े की समस्या भी कई जगहों पर बढ़ती ही जा रही है। अब हरियाणा सरकार की तरफ से कूड़े की बढ़ रही समस्या का एक स्थाई समाधान निकाला गया है तथा हरियाणा के एक शहर में 41 एकड़ में प्लांट बनाया जाएगा, जिसे इस समस्या का समाधान होगा।
सरकार की तरफ से देश की हर राज्य को विकसित करने के लिए काफी अहम कदम उठाए जा रहे हैं। अब हरियाणा प्रदेश को स्वच्छ बनाने के लिए सरकार काफी तेजी से कम कर रही है। जैसा कि आप जानते है प्रदेश के कई शहरों में कूड़े की समस्या (garbage problem) लगातार बढ़ती ही जा रही है। हरियाणा सरकार की तरफ से कूड़े की समस्या का स्थायी (Haryana Government News) समाधान करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। सरकार की तरफ से हरियाणा के एक शहर में 41 एकड़ जमीन में प्लांट बनाया जाएगा, जोकी कूड़े को समस्या को खत्म करने में लाभकारी साबित होगा।
आपको बता दे की नगर निगम फरीदाबाद (Faridabad News) तथा एनटीपीसी की सहयोगी इकाई NVVN के संयुक्त प्रयास से मोटूका जिले में वेस्ट टू चारकोल प्लांट स्थापित किया जाएगा। 41.17 एकड़ जमीन में स्थापित होने वाला यह प्लांट शहर के म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट को नई तकनीक के जरिए प्रोसेस कर चारकोल में बदलेगा। इस चारकोल का उपयोग ऊर्जा उत्पादन में किया जा सकेगा। परियोजना के लिए भूमि हस्तांतरण का कार्य (Land transfer work) तेजी से चल रहा है।
फरीदाबाद में हर रोज 900 टन कचरा निकलता है, जिससे निपटने के लिए नगर निगम को बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर डिपेंड रहना पड़ता है, जिससे पर्यावरण और आसपास के इलाकों पर खराब असर पड़ रहा है। अब सरकार की तरफ से प्लांट लगाने का प्लान (Waste to charcoal plant) किया गया है जो कि इस समस्या का समाधान कर सकता है।
सरकार की तरफ से उठाएं गए इस कदम से न केवल शहर के कूड़े का समाधान होगा बल्कि कचरे को उपयोगी संसाधन में भी बदला जाएगा। सलाहकारों का कहना है कि इस तकनीक से बनाया गया चारकोल पारंपरिक कोयले का विकल्प बन सकता है और इस चारकोल का उपयोग ऊर्जा उत्पादन में किया जा सकेगा।
नई तकनीक से होगा कचरे का समाधान
फरीदाबाद जिले के गांव मोटूका में लगने वाला यह प्लांट एमएसडब्ल्यू टू टॉरिफाइड तकनीक पर आधारित होगा। इस नई तकनीक से घरेलू और व्यावसायिक कचरे को वैज्ञानिक तरीके का सहारा लेकर सुखाया जाएगा और प्रक्रिया करके हाई क्वालिटी का चारकोल तैयार किया जाएगा। इस प्रक्रिया के सहारे काफी हद तक कचरे को काम किया जा सकता है और इस कचरे से निकलने वाले उत्पाद को पर्यावरण के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है।
नगर निगम के अधिकारियों की तरफ से कहा गया है कि इस आधुनिक तकनीक के सहारे कचरे को भी उपयोग में लाना संभव हो जाएगा। सरकार की तरफ से लगाए जाने वाले इस प्लांट की वजह से नए केवल लैंडफिल पर प्रेशर कम होगा बल्कि कचरे से होने वाला प्रदूषण भी काबू किया जा सकेगा।
41 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा प्लांट
सरकार (Haryana News) की तरफ से उठाएं गए इस कदम के तहत प्लांट के लिए मोटूका गांव की 41.17 एकड़ जमीन को चिन्हित किया गया है। यह जमीन फिलहाल हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन के स्वामित्व में है। HPGCL, नगर निगम और जिला प्रशासन के बीच समन्वय से भूमि हस्तांतरण के प्रोसेस को तेज किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि जमीन का अस्थायी कब्जा (Temporary possession of land) नगर निगम को सौंपा जा चुका है। निर्माण कार्य में देरी न करने की वजह से अब स्वामित्व और मूल्य निर्धारण से जुड़ी अंतिम औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है।
जमीन कलेक्टर रेट को लेकर अनुरोध
नगर निगम ने जमीन कलेक्टर रेट (Land collector rate) पर या निशुल्क उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि प्रोजेक्ट की लागत ज्यादा न हो। प्रशासन को उम्मीद है कि इस मांग पर सकारात्मक फैसला लिया जाएगा, क्योंकि यह परियोजना सार्वजनिक हित, स्वच्छता व पर्यावरण सुधार से जुड़ी है। इससे वित्तीय बोझ कम होगा और काम तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
पंचायत और ग्रामीण हितों का भी रखा गया ख्याल
फरीदाबाद के मोटूका गांव (Motuka village in Faridabad) में इस प्लांट को स्थापित किया जाएगा। मोटूका गांव के ग्रामीणों तथा पंचायत के हितों को भी इस परियोजना में शामिल किया गया है। पंचायत को जमीन के बदले सालाना एन्युटी देने का भी समझौता हुआ है, जिसमें हर साल प्रति एकड़ तय बढ़ोतरी का प्रावधान है। यह पैसा 33 साल तक मिलेगा, जिससे गांव के विकास के लिए नियमित आय होगी। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्लांट सही तरीके से चलता है और गांव के विकास में मदद करता है, तो यह परियोजना फायदेमंद होगी।
जल्द होगी निर्माण कार्य की शुरूआत
मिली जानकारी के अनुसार, जमीन और पैसों की मंजूरी के बाद इस प्रोजेक्ट को नगर निगम की मीटिंग में अंतिम स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। जिसके बाद मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। 20 जुलाई 2024 को सीएम नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) के नेतृत्व में फरीदाबाद और गुरुग्राम में हरित कोयला संयंत्र लगाने के लिए NTPC के साथ समझौता हुआ था।
