New Railway Line : हरियाणा राज्य के विकास गति को तेज करने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। नए एक्सप्रेसवे बनाने के बाद अब रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। हाल ही में सरकार ने हरियाणा वालों को एक बड़ी सौगात दी है। दरअसल, राज्य के एक जिले में नई रेलवे लाइन बनाई जाएगी। इससे लाखों लोगों का सफर आसान हो जाएगा और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं –
हरियाणा के विकास को पंख लगने वाले हैं। दरअसल, हाल ही में सरकार ने राज्य में नई रेलवे लाइन बनाने की घोषणा की है। बता दें कि जिस जिले में यह नई रेलवे लाइन बनाई जाएगी वहां पहले से एक भी रेलवे लाइन (New Railway Line) मौजूद नहीं है। नई रेलवे लाइन के लिए हरियाणा के इस जिले में पिछले 5 दशक से ज्यादा से मांग उठाई जा रही है। अब जाकर सरकार ने इस मांग को मान लिया है और नई रेलवे लाइन बिछाने को मंजूरी दे दी है।
इस जिले में बनाई जाएगी नई रेलवे लाइन –
देश की राजधानी दिल्ली से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित हरियाणा (New Railway Line in Haryana) का नूंह जिला अब रेल नेटवर्क से जुड़ने जा रहा है। केंद्र सरकार ने दिल्ली–सोहना–नूंह–फिरोजपुर झिरका–अलवर तक नई रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है। हरियाणा वालों के लिए यह परियोजना काफी खास रहने वाली है। इस रेलवे लाइन के बनने से लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। इस रेलवे लाइन के बनने से सफर तो आसान होगा ही इसके साथ ही आसपास के इलाकों में जमीन के रेट भी तेजी से बढ़ेंगे।
इस दिन चालू होगी नई रेलवे लाइन –
इस परियोजना के लिए सरकार ने रेलवे को 2,500 करोड़ की राशि जारी की है। रेल मंत्रालय के अनुसार नई रेल लाइन की लंबाई 104 किलोमीटर होगी। इसपर सात नए रेलवे स्टेशन (new railway station) का भी निर्माण किया जाएगा। यह रेल मार्ग हरियाणा और राजस्थान, दोनों राज्यों के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। मंत्रालय ने बताया कि परियोजना का निर्माण कार्य 3 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है यानी साल 2028 तक इस रेलवे लाइन को चालू किया जाएगा। नूंह क्षेत्र की लगभग 50 साल पुरानी मांग आखिरकार पूरी हो गई है।
मेवात क्षेत्र के विकास को नई दिशा
साल 2005 में गुरुग्राम से अलग होकर मेवात नया जिला बना था। बाद में सरकार ने इसका नाम बदलकर नूंह कर दिया। अब तक यह जिला रेल नेटवर्क से नहीं जुड़ा था, जिससे लोगों को आवागमन, रोजगार और उद्योग से जुड़ी सुविधाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
1971 से यहां नई रेलवे लाइन बनाने की मांग उठाई जा रही –
बता दें कि इस रेल परियोजना की मांग सबसे पहले सन 1971 में गुरूग्राम के तत्कालीन सांसद चौधरी तैयब हुसैन ने संसद में रखी थी। इसके बाद भी कई बार यह प्रस्ताव दोहराया गया। हाल ही में भिवानी–महेंद्रगढ़ के सांसद धर्मबीर सिंह और गुरुग्राम के सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी इस परियोजना को आगे बढ़ाने की पहल की थी। अंततः केन्द्र सरकार ने पिछले बजट में इसे औपचारिक मंजूरी दे दी है।
दिल्ली से अलवर तक होगी कनेक्टिविटी मजबूत –
नई रेल लाइन (New Railway Line) के बनने से दिल्ली से अलवर के बीच सोहना, नूंह और फिरोजपुर झिरका के रास्ते सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा। इससे पहले से कहीं ज्यादा सफर आसान हो जाएगा। इसके साथ ही राज्य की आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
