Haryana to Delhi Airport : यात्रियों को अतिरिक्त और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए मेट्रो के रूट से सुविधाएं बढ़ाई जाने वाली है। इससे हरियाणा से दिल्ली एयरपोर्ट तक की यात्रा बेहद सुगम होगी और साथ ही दिल्ली-एनसीआर की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी (Connectivity of Delhi-NCR) को नई दिशा मिलेगी। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं मेट्रो के किन रूट में सुविधा बढ़ाई जाने वाली है।
अभी हरियाणा से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने में यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है, लेकिन अब हरियाणा से दिल्ली एयरपोर्ट तक पहुंच को आसान बनाने और यात्रा को सुगम बनाने के लिए मेट्रो के रूट से सुविधाएं (Metro route facilities) बढ़ाई जाने वाली है। इससे दिल्ली एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होगी। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं इस बारे में-
कॉरिडोर से कनेक्ट होगी ये गोल्डन लाइन
दरअसल, बता दें कि दिल्ली एयरोसिटी मेट्रो स्टेशन (Delhi Aerocity Metro Station) फेज-4 के तहत जो तुगलकाबाद-एयरोसिटी गोल्डन लाइन बन रही है, वो सीधे तौर पर कॉरिडोर से कनेक्ट होगी। अभी तो बहादुरगढ़ से 60 हजार से ज्यादा काम के सिलसिले में दिल्ली जाते हैं। DMRC के प्रधान अधिशासी निदेशक का कहना है कि जल्द ही में तुगलकाबाद-एयरोसिटी गोल्डन लाइन (Tughlakabad-Aerocity Golden Line) कॉरिडोर के एयरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 स्टेशन तक 2.263 किलोमीटर विस्तार को मंजूरी दे दी गई है।
इंटरचेंज की सुविधा देगा दिल्ली एयरोसिटी स्टेशन
इसका फायदा यह होगा कि दिल्ली एयरोसिटी स्टेशन (Delhi Aerocity Station) सिर्फ एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और गोल्डन लाइन को नहीं बल्कि आगे चलकर भविष्य में प्रस्तावित एनसीआरटीसी के अलवर कॉरिडोर के लिए भी इंटरचेंज की सुविधा देगा और ऐसे यह स्टेशन ट्रिपल इंटरचेंज हब के तौर पर विकसित होगा। जैसे ही गोल्डन लाइन तुगलकाबाद तक पहुंचती है तो उसके बाद बहादुरगढ़ और पश्चिमी हरियाणा से जो यात्री आते हैं, वो बिना किसी परेशानी के एयरोसिटी पहुंचेंगे और सीधे एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन (Airport Express Line) के माध्यम से आईजीआई एयरपोर्ट के कई टर्मिनलों तक ट्रेवल कर सकेंगे।
कितना लंबा बनगेा गोल्डन लाइन का स्टेशन
जानकारी के लिए बता दें कि नए दिल्ली एयरोसिटी मेट्रो स्टेशन (Delhi Aerocity Metro Station) में प्लेटफॉर्म-टू-प्लेटफॉर्म और कंकोर्स-टू-कंकोर्स पेड एरिया कनेक्टिविटी मौजुद होगी और यह स्टेशन तकरीबन 22 मीटर की गहराई निर्मित होगा। बता दें कि भविष्य की आवश्यकताओं पर गौर करते हुए गोल्डन लाइन का स्टेशन (golden line station) लगभग 290 मीटर लंबा बनाया जाएगा।
स्ट्रक्चरल प्रोविजन पहले हो चुके हैं तय
गोल्डन लाइन का स्टेशन बनने से गोल्डन लाइन और प्रस्तावित एनसीआरटीसी कॉरिडोर (Proposed NCRTC corridor) एक-दूसरे को तिरछी दिशा में काटे जाएंगेा और एनसीआरटीसी प्लेटफॉर्म के लिए स्ट्रक्चरल प्रोविजन (Structural provisions of NCRTC platform) पहले ही तय होंगे। बता दें कि इस नई इंटरचेंज अरेंजमेंट से बहादुरगढ़, तुगलकाबाद, आंबेडकर नगर, खानपुर सहित कई इलाकों की एयरपोर्ट कनेक्टिविटी बेहतर होगी। अनुज दयाल का कहना है कि यह प्रोजेक्ट राजधानी और आसपास के इलाकों की परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेगा।
