Home Loan Tips : हर किसी का सपना होता है कि वो खुद का एक घर बनाये लेकिन आज के समय की बढ़ रही महंगाई की वजह से उनका ये सपना अधूरा ही रह जाता है। अपने सपने (Home Loan Update) को पूरा करने के लिए लोगों को होम लोन का सहारा लेना पड़ जाता है। ऐसे में अब आप स्मार्ट तरीके से होम लोन ले सकते हैं और इसकी किस्त से 15 लाख रुपये तक की बजत कर सकते हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
घर का सपना पूरा करने के लिए होम लोन लेना आज जरूरत बनकर सामने आ रहा है। हालांकि सही प्लानिंग न हो तो यही लोन आपकी कमाई का बड़ा हिस्सा चुपचाप खा जाता है। ज्यादातर लोग सिर्फ EMI (Home Loan EMI Calculation) भरते रहते हैं और ये नहीं जानते कि थोड़ी-सी स्मार्ट स्ट्रैटेजी अपनाकर वे अपने होम लोन पर लाखों रुपये बचा सकते हैं। अगर आप भी चाहते हैं कि बिना ज्यादा बोझ के आपका लोन जल्दी खत्म हो और करीब 15 लाख रुपये तक की बचत की जा सकती है। ये तरीके आपके लिए गेम-चेंजर बनकर सामने आ सकता है।
एक्सपर्ट्स का ये है मानना-
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI new update) ने शुक्रवार को रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है। इस फैसले के बाद रेपो से जुड़े होम लोन की EMI फिलहाल स्थिर रहने की उम्मीद लगाई जा रही है। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह स्थिति ब्याज दरों में कटौती का इंतजार करने से ज्यादा, अपने लोन को स्मार्ट तरीके से कम करने का अच्छा मौका है।
लोनधारकों को बेहतर तरीके से मिलेगा लोन-
वित्तीय एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर कोई होम लोन ग्राहक साल में सिर्फ एक अतिरिक्त EMI का भुगतान करता होता है। तो फिर वो अपने लोन की अवधि को लगभग पांच साल तक कम कर सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं, इससे ब्याज के रूप में 15 लाख रुपये से अधिक की बचत भी संभव है। एक्सपर्ट्स (Expert update on Home Loan) का मानना है कि मौजूदा समय में दरों के स्थिर रहने का फायदा उठाकर लोनधारकों को अपने मौजूदा होम लोन को बेहतर तरीके से मैनेज करना चाह रहे हैं। सिर्फ दरों में कटौती की उम्मीद में बैठे रहने के बजाय, अभी से लोन को ऑप्टिमाइज करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
प्रीपेमेंट का बदलेगा भविष्य-
इसके साथ ही में एक्सपर्ट्स ने बताया है कि होम लोन (Home Loan) लेने वालों को अपने लोन की शर्तों की दोबारा समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने बताया है कि ग्राहकों को अपनी प्रभावी ब्याज दर की जांच करनी चाहिए और अगर बैंक का स्प्रेड बढ़ गया हो तो रीसेट के लिए बातचीत की जानी चाहिए।
इसके साथ ही, लोन की अवधि घटाने पर ध्यान देना और समय से पहले आंशिक भुगतान (Home Loan Prepayment) करना भविष्य में बड़ा लाभ दे सकता है। EMI को मौजूदा स्तर पर बनाए रखते हुए अतिरिक्त भुगतान करने से घर का मालिक बनने की राह तेज हो जाती है और लोन को लंबे समय तक ढोने की जरूरत भी नहीं पड़ती है। ऐसे में कुल मिलाकर, RBI का ये रेट पॉज होम लोन (Home Loan News) ग्राहकों के लिए एक समझदारी भरा वित्तीय मौका बनकर सामने आ सकता है।
ब्याज दरों में नहीं होगा बदलाव-
ब्याज दरों में फिलहाल किसी तरह का कोई बदलाव नहीं होने यानी रेट पॉज की स्थिति में होम लोन लेने वालों के लिए यह समय अपने लोन को दोबारा समझने और बेहतर ढंग से मैनेज करने का होता है। वित्तीय एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस दौर में सिर्फ EMI (Home Loan EMI) कम करने की सोच से आगे बढ़कर कुल ब्याज बोझ घटाने पर ध्यान देना ज्यादा फायदेमंद बनकर सामने आ सकता है।
लोन बनावट की करें जांच-
फाइनेंशियल एक्सपर्ट के अनुसार, उधारकर्ताओं को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका होम लोन किसी बाहरी बेंचमार्क, जैसे रीपो रेट, से कनेक्ट न किया गया हो। इससे ब्याज दरों में बदलाव का लाभ जल्दी मिल पाता है। इसके अलावा, बैंक (Banking Update) या लेंडर द्वारा जो अतिरिक्त स्प्रेड लगाया जा रहा है। उसकी समीक्षा भी काफी ज्यादा जरूरी है। अगर पिछले समय में आय को बढ़ा दिया जाता है या फिर क्रेडिट स्कोर को बेहतर कर दिया जाता है तो फिर ब्याज दर कम कराने के लिए बातचीत की जा सकती है।
अवधि कम करने पर दें ध्यान-
एक्सपर्ट्स शेट्टी का मानना है कि स्थिर ब्याज दरों के माहौल में EMI और लोन अवधि के संयोजन को दोबारा परखना चाहिए। बजट पैश होने के बाद आय को लेकर स्पष्टता (Home Loan) होने से लंबी अवधि की प्लानिंग की जा सकती है। अगर अतिरिक्त बचत का मौका मिल जाएं तो फिर छोटी-छोटी पार्ट-प्रीपेमेंट करने से लंबे समय में ब्याज का बोझ काफी कम किया जा सकता है।
समझें नोएडा के उदाहरण को-
रियल एस्टेट विशेषज्ञ जितेंद्र यादव, डायरेक्टर, Roots Developers, बताते हैं कि मान लीजिए 35 वर्षीय नोएडा निवासी ने 8.5 प्रतिशत ब्याज दर (Home Loan intrest Rate) पर 25 साल के लिए 60 लाख रुपये का होम लोन लिया है। इसके मुताबिक ऐसे लोन को “झेलने” की बजाय “मैनेज” करना काफी ज्यादा जरूरी होता है। EMI कम होने की वजह से अगर उधारकर्ता लोन अवधि (Home Loan Timeline) कम करने पर ध्यान देता है तो फिर बेहतर नतीजे मिल जाते हैं।
साल में सिर्फ एक अतिरिक्त EMI चुकाने से करीब पांच साल की अवधि कम हो सकती है और ब्याज में 15 लाख रुपये से ज्यादा की बचत संभव है। बोनस या वैरिएबल सैलरी का यूज समय-समय पर प्रीपेमेंट में करना समझदारी बनता है। हालांकि, लोन रीफाइनेंस (Home Loan refinance) तभी करना चाहिए जब सभी खर्चों को जोड़ने के बाद कम से कम 50–75 बेसिस प्वाइंट की वास्तविक बचत देखने को मिलें।
कुल ब्याज में होगी बचत-
एक्सपर्ट्स के मुताबिक उधारकर्ताओं को सिर्फ मासिक किस्त कम करने के पीछे नहीं भागना चाहिए। असली फोकस इस बात पर किया जा रहा है कि पूरे लोन काल में कुल कितना ब्याज दिया जा रहा है। रेट पॉज के समय वहीं EMI (Home Loan EMI) जारी रखने से मूलधन तेजी से घटता है। इसकी वजह से लोन अवधि अपने आप कम हो जाती है। इसके साथ ही में उपलब्ध टैक्स छूट का सही उपयोग करके भी होम लोन को ज्यादा किफायती बनाया जा सकता है।
ये हैं मौजूदा ब्याज दरें-
अगर आप घर खरीदने या निर्माण के लिए होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए काफी ज्यादा जरूरी है। अलग अलग बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की मौजूदा होम लोन ब्याज दरें सामने आई हैं। PaisaBazaar द्वारा संकलित इन आंकड़ों के मुताबिक, कई सरकारी बैंकों में होम लोन की शुरुआती दरें 7.10 फीसदी से शुरू हो रही हैं।
सरकारी बैंकों में होम लोन की ब्याज दरें-
पब्लिक सेक्टर बैंकों में खासतौर पर निजी बैंकों की तुलना में कम ब्याज दरों पर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सभी लोन स्लैब पर लगभग 7.25 प्रतिशत से 8.70 प्रतिशत तक की दर पर होम लोन को उपलब्ध कराया जा रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) में होम लोन की शुरुआत 7.20 प्रतिशत से हो जाती है, जोकि लोन राशि के मुताबिक बढ़ सकती है।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 7.15 प्रतिशत की शुरुआती दर पर होम लोन को उपलब्ध करा रहा है। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में होम लोन की ब्याज दर 7.20 प्रतिशत से शुरू हो जाती है। बैंक ऑफ इंडिया, (Bank of India) केनरा बैंक, यूको बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र जैसे बैंक भी 7.10 प्रतिशत से 7.25 प्रतिशत के बीच शुरुआती दरों पर लोन ऑफर कर रहे हैं। इसके साथ ही में इंडियन ओवरसीज बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन बैंक सभी लोन अमाउंट पर 7.10 प्रतिशत से 7.15 प्रतिशत तक की न्यूनतम दरें दे रहे हैं।
निजी बैंकों की ये हैं ब्याज दरें-
प्राइवेट सेक्टर बैंकों में ब्याज दरें आमतौर पर क्रेडिट स्कोर और प्रोफाइल पर निर्भर करती हैं। ICICI बैंक और HSBC में होम लोन की शुरुआत लगभग 7.45 प्रतिशत से हो जाती है। कोटक महिंद्रा बैंक 7.70 प्रतिशत से लोन ऑफर कर रहा है। HDFC बैंक (HDFC Bank) में होम लोन की शुरुआती दर 7.90 प्रतिशत है। एक्सिस बैंक में ये ब्याज दर 8.00 प्रतिशत से शुरू होकर लोन राशि के मुताबिक बढ़ सकती है। फेडरल बैंक, साउथ इंडियन बैंक, कर्नाटक बैंक और करूर वैश्य बैंक में ब्याज दरें 7.30 प्रतिशत से 11 प्रतिशत के दायरे में हैं।
हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के ये हैं ऑफर-
बैंकों के अलावा कई हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां भी आकर्षक दरों पर होम लोन को उपलब्ध करा रही है। LIC हाउसिंग फाइनेंस और बजाज हाउसिंग फाइनेंस में होम लोन 7.15 प्रतिशत से शुरू हो रहा है। टाटा कैपिटल (Tata Capital) और PNB हाउसिंग फाइनेंस 7.50 प्रतिशत की शुरुआती दर पर लोन उपलब्ध करा रहे हैं। आदित्य बिड़ला कैपिटल, ICICI होम फाइनेंस और गोदरेज हाउसिंग फाइनेंस भी 7.50 प्रतिशत से 7.75 प्रतिशत के बीच शुरुआती दरों को उपलब्ध करा रहा है।
लोन लेने से पहले इन बातों का दें ध्यान-
होम लोन की ब्याज दरें आपकी क्रेडिट स्कोर, आय, नौकरी की स्थिरता और लोन अवधि के ऊपर ही निर्भर करती हैं। इस वजह से लोन (Home Loan Tips) लेने से पहले अलग-अलग बैंकों और HFCs के ऑफर्स की तुलना करना फायदेमंद हो सकता है। ऐसे में आप एक बेहतर लोन विकल्प का चयन करते हैं।
