Home Loan : घर खरीदने वालों के लिए खुशखबरी है। दरअसल आपको बता दें कि होम लोन पर मिलने वाली ब्याज छूट बढ़कर इतने लाख रुपये हो सकती है। जिससे मिडिल क्लास (middle class) के लिए अपना घर खरीदना आसान हो जाएगा और रियल एस्टेट सेक्टर में भी तेजी आ सकती है… पूरी डिटेल जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को आम बजट पेश करेंगी। उससे पहले ही विभिन्न सेक्टरों की बजट मांगें सामने आने लगी हैं। इसी बीच रियल एस्टेट बॉडी नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (NAREDCO) ने वित्त मंत्रालय से कुछ सिफारिशें की हैं। NAREDCO ने रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए होम लोन पर ब्याज कटौती की सीमा बढ़ाने और इनकम टैक्स सेटलमेंट कमीशन को फिर से शुरू करने की मांग की है।
नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (NAREDCO) का कहना है कि घर खरीदने वालों के लिए होम लोन पर मिलने वाली ब्याज छूट वर्तमान में 2 लाख रुपये तक है, इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जाना चाहिए। इसके अलावा, NAREDCO ने जीएसटी दर कम करने की भी सिफारिश की है। अगर सरकार इन मांगों को मान लेती है, तो मिडिल क्लास (middle class) के लिए घर खरीदना आसान होगा और रियल एस्टेट सेक्टर में भी बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
अफोर्डेबल हाउसिंग की परिभाषा बदलने की मांग-
इसके साथ ही NAREDCO ने अफोर्डेबल हाउसिंग की परिभाषा बदलने की भी मांग की है। फिलहाल सरकार 45 लाख रुपये तक के घरों को ही अफोर्डेबल मानती है। डेवलपर्स का कहना है कि यह सीमा कई साल पहले तय की गई थी, तब से कंस्ट्रक्शन कॉस्ट, जमीन और कच्चे माल की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हो चुकी है।
बड़े शहरों और महानगरों में 45 लाख रुपये में दो कमरे वाला घर मिलना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में अफोर्डेबल हाउसिंग की कीमत (cost of affordable housing) की सीमा बढ़ाना जरूरी है, ताकि इस सेगमेंट (segment) को वास्तव में बढ़ावा मिल सके।
GST में कटौती की मांग-
रियल एस्टेट सेक्टर (real estate sector) ने यह भी सुझाव दिया है कि GST दर कम की जाए। इससे नए घरों की कीमतें कम होंगी और आम लोगों के लिए घर खरीदना अधिक किफायती बन जाएगा।
रियल एस्टेट सेक्टर को उद्योग का दर्जा देने की मांग-
ट्रिबेका डेवलपर्स (Tribeca Developers) के CEO रजत खंडेलवाल का कहना है कि बजट 2026 में ऐसी नीतियां आने की उम्मीद है जो रियल एस्टेट सेक्टर (real estate sector) की आपूर्ति और मांग दोनों को मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट को उद्योग का दर्जा देना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे डेवलपर्स को लंबी अवधि के फंड (fund) तक आसान पहुंच मिलेगी, उधारी की लागत कम होगी और प्रोजेक्ट (project) समय पर पूरे करने में मदद मिलेगी।
