MP News : देशभर में अब कई अवैध कॉलोनियां बनाई जा रही है और लोगों को अच्छे खासे अमाउंट पर बेची जा रही है। ऐसे में घर खरीददारो के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी हो रही है। अब इन्हीं चीजो के निपटान के लिए सरकार ने बड़ी तैयारी शुरू की है। अब अवैध कॉलोनी (MP News ) बनाने वालों पर करोड़ों का जुर्माना लगाया जाएगा।
एमपी सरकार की ओर से अब कॉलोनी निर्माण के प्रोसेस को सुव्यवस्थित करने व अवैध कॉलोनी के निर्माण (construction of illegal colony) को खत्म करने के लिए प्रशासन ने अब अपनी कमर कस ली है। अब सरकार इन अवैध कॉलोनी बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी में हैं। खबर के माध्यम से जानते हैं कि सरकार ने अवैध कॉलोनी के निर्माण को रोकने के लिए क्या कदम उठाया है।
एमपी सरकार लाएगी नया कानून
जानकारी के लिए बता दें कि अब एमपी सरकार (MP Government) नया ‘एकीकृत अधिनियम’ (Integrated Act) लाने की तैयारी में हैं। अब इस नियम के तहत शहरी और ग्रामीण इलाको के लिए अलग-अलग लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी और एक बार लाइसेंस मिलते ही कॉलोनाइजर कहीं भी प्रोजेक्ट की शुरुआत कर सेंगे। बता दें कि इस प्रस्तावित अधिनियम का प्रारूप नगरीय विकास एवं आवास विभाग (Draft Urban Development and Housing Department) की ओर से तैयार कर लिया गया है, जिसे विधानसभा के बजट सेशन में पेश कर दिया गया है।
कौन होंगे अवैध कॉलोनी निर्माण के जिम्मेदार
नए कानून में अब सरकार की ओर से सख्त प्रोविजन किए हैं। अब किसी भी जिले में अवैध कॉलोनी (illegal colony News) पनपती है तो उसके जिम्मेदार कलेक्टर माने जाएंगे। जो भी लोग अवैध कॉलोनी को बनाएंगे, उनपर अर्थदंड की राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ा दिया गया है और 1 करोड़ रुपये किया गया है और साथ ही सजा को बढ़ाकर 10 साल करने का प्रोविजन किया है। बता दें कि सक्षम प्राधिकारी के रूप में कलेक्टर ही आखिरी फैसला लेंगे। हालांकि वो बात अलग है कि वे अनुभाग स्तर पर एसडीएम को जिम्मा सौपं सकेंगे।
अवैध श्रेणी में मौजुद है इतनी कॉलोनियां
अभी फिलहाल में तो ग्रामीण इलाको में सरपंच से परमिशन लेकर कॉलोनियां का निर्माण हो जाता है, जिन्हें बाद में नगरीय निकाय की सीमा में आने पर अवैध ऐलान कर दिया जाता हैं। अब इसी लिए नगरीय विकास और पंचायत एवं ग्रामीण विकास के नियमों को मिलाते हुए एक ही एक्ट बनाए जाने का प्लान है। विभाग के मुताबिक, प्रदेश में तकरीबन 4,000 कॉलोनियां अवैध श्रेणी (Colonies classified as illegal) में मौजूद हैं। बता दें कि नई एकीकृत सुविधाओं से बुनियादी ढांचा, सीवरेज और पानी जैसी परेशानियों का समाधान किया जाएगा।
कैसे होगी प्रोजेक्ट्स की प्रोग्रेस की मॉनिटरिंग
जानकारी के लिए बता दें कि नए एक्ट (MP New Act on illegal colony) में घर खरीदारो के हितों की रक्षा पर खास गौर किया गया है। प्रोविजन के मुताबिक अब काई बिल्डर बुकिंग करने के बाद प्रोजेक्ट को सालों-साल नहीं खिचेंगा और साथ ही ऑनलाइन ही निगरानी की पूरी व्यवस्था रहेगी। एक राज्य स्तरीय समिति (State Level Committee) का गठन किया जाएगा, जिसमें पंचायत और नगरीय विकास दोनों विभागों के अधिकारी को शामिल किया जाएगा, इन अधिकारियों द्वारा ही प्रोजेक्ट्स की प्रोग्रेस की मॉनिटरिंग होगी।
कितने दिनों में होगा शिकायतों का समाधान
जान लें कि अब देशभर में पनप रही अवैध निर्माण की शिकायतों (illegal construction) को लोक सेवा गारंटी कानून (Service Guarantee Act) के अंतर्गत लाने की तैयारी की जा रही है, जिसके तहत शिकायत मिलने के 45 दिनों के भीतर इनका निपटारा किया जाएगा और अगर शिकायत सही पाई जाती है तो बिल्डर को नोटिस देकर 15 दिनों का वक्त दिया जाएगा। अगर समय-सीमा में सुधार नहीं होता, तो ऐसे में सरकार खुद ही कार्रवाई कर इससे जुड़ी भूमि को जब्त कर सकेगी।
