India Smallest Train: भारतीय रेलवे दुनियाभर में अपने विशाल रेल नेटवर्क और विविध ट्रेनों के लिए जाना जाता है. लंबी दूरी की एक्सप्रेस हो या लोकल पैसेंजर ट्रेनें, हर जरूरत के लिए रेल सेवाएं मौजूद हैं. लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि भारत में एक ऐसी ट्रेन भी है जो सिर्फ तीन डिब्बों के साथ चलती है? आइए जानते हैं इस अनोखी ट्रेन की खासियत.
भारत की सबसे छोटी ट्रेन कौन-सी है?
यह ट्रेन एक डीईएमयू (DEMU) सेवा है. जिसे उसकी छोटी लंबाई और सीमित दूरी के लिए जाना जाता है. यह ट्रेन केवल 9 किलोमीटर का सफर तय करती है और पूरी यात्रा में लगभग 40 मिनट का समय लगता है.
कहां चलती है ये अनोखी ट्रेन?
भारत की यह सबसे छोटी ट्रेन केरल राज्य में कोचीन हार्बर टर्मिनस से एर्नाकुलम जंक्शन तक चलती है. रास्ते में यह सिर्फ एक स्टेशन पर रुकती है. ट्रेन का यह रूट समुद्र के किनारे से होकर गुजरता है. जिससे यात्रियों को प्राकृतिक सौंदर्य और शांति का अनुभव होता है.
दिन में केवल दो बार चलती है यह ट्रेन
यह ट्रेन दिन में दो बार अपनी सेवा देती है—एक बार सुबह और दूसरी बार शाम को. यह टाइमिंग खासकर स्थानीय यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी है, जो इस छोटे रूट पर डेली ट्रैवल करते हैं.
कितने यात्री कर सकते हैं यात्रा?
तीन कोचों वाली इस ट्रेन में लगभग 300 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है. हर कोच में आरामदायक सीटें लगी हैं जो यात्रियों को छोटा लेकिन सुकूनदायक सफर प्रदान करती हैं.
कम टिकट बिक्री के कारण बंद होने का खतरा
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस ट्रेन में रोजाना 30 से भी कम टिकट बिकते हैं. यात्रियों की बेहद कम संख्या को देखते हुए रेलवे विभाग इसे बंद करने पर विचार कर सकता है. हालांकि इसका अनोखा रूट और मिनी स्ट्रक्चर इसे अब तक चर्चा में बनाए हुए है.
समुद्र के किनारे से गुजरता है खूबसूरत रूट
कोचीन से एर्नाकुलम के बीच का सफर हरियाली, समुद्र के किनारे और शांत वातावरण से भरपूर है. ट्रेन की खिड़कियों से दिखने वाले प्राकृतिक दृश्य इस छोटी यात्रा को भी यादगार बना देते हैं.
स्थानीय यात्रियों के लिए ऐतिहासिक महत्व
यह ट्रेन वर्षों से कोचीन और एर्नाकुलम के बीच स्थानीय यात्रियों के लिए एक जरूरी कड़ी रही है. अपने छोटे रूट के बावजूद इसका सामाजिक और ऐतिहासिक महत्व काफी बड़ा है. खासतौर पर उन लोगों के लिए जो रोजाना कम दूरी तय करते हैं.
