Indian Currency : भारतीय करेंसी का हर आम नागरिक की जिंदगी में विशेष महत्व होता है। भले ही नोट का लेन-देन रोज होता है, लेकिन आज भी 99% लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होती है कि नोट पर कई जरूरी बातें लिखी जाती है, जो हर आम नागरिक के लिए जरूरी तो है ही ओर काम की भी हैं। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं नोट (Indian Currency ) से जुड़े अपडेट के बारे में।
भारतीय नोटों को लेकर इन दिनों आम नागरिकों के बीच खूब चर्चांए हो रही है। भारतीय करेंसी (Indian Currency) का अपने आप में ही कई महत्व होता है। भारतीय नोट में कई ऐसी रोचक बातें छिपी होती हैं, जिन्हें हम अपने रोजाना की लाइफ में देखते हैं, लेकिन उससे जुड़े तथ्यों के बारे में नहीं जानते हैं। ऐसे में आज हम आपको इस खबर में इंडियन नोट (Interesting facts of Indian Currency) से जुड़ी जरूरी तथ्यों के बारे में बताने वाले हैं।
कैसे तय होता है नोट का डिजाइन
बता दें कि जब भी कोई नया नोट (RBI New Note) जारी किया जाता है तो नए बैंक नोट पर कौन-सी तस्वीर या डिजाइन (Nye note ka design) छापना है, इस बात के पीछे एक तय प्रोसस होता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अधिनियम की धारा 25 के मुताबिक नए नोट का पूरा डिजाइन, उसका रूप और इस्तेमाल होने वाली सामग्री पहले RBI का केंद्रीय बोर्ड की ओर से सुझाई जाती है और फिर केंद्र सरकार (Central government) की मंजूरी के बाद इसका प्रोसेस शुरू कर हर नया नोट तैयार होता है।
आरबीआई देता है ये आश्वासन
आपके मन में कभी न कभी यह ख्याल तो जरूर आया होता है कि हर भारतीय नोट पर मैं धारक को रुपये अदा करने का वचन देता हूं, ऐसा क्यों लिखा हुआहोता है। बता दें कि यह भारतीय रिजर्व बैंक (reserve Bank of India) की कानूनी जिम्मेदारी का एक बयान होता है। RBI अधिनियम 1934 की धारा 26 के अनुसार नोट के वैल्यू की पूरी गारंटी सीधे RBI के पास होती है। यानी आप यूं समझ सकते हैं कि अगर आपके हाथ में 100 रुपये का नोट है, तो RBI आपको यह वादा करता है कि उस नोट की कीमत आपको हर हाल में मिल कर ही रहेगी और यही लाइन भारतीय करेंसी पर लोगों का भरोसा बनाता है।
क्यों खास माना जाता है भारतीय नोट
भारतीय नोट देश की पहचान का एक अहम दस्तावेज हैं। भारतीय करेंसी के हर एक नोट (Indian currency note) पर भारत की संस्कृति, प्रकृति और इतिहास की अलग ही झलक दिखाई पड़ती है। जैसे की 10 रुपये में वन्यजीव, 20 रुपये में अंडमान की सुंदरता दिखाई देती हैं। वहीं, 100 रुपये में पहाड़ और बादल दिखाई देती हैं। जबकि 500 रुपये में आजादी की लड़ाई से जुड़ी प्रतीकात्मक मूर्तियां का दृश्य दिखाई देता है।
कौन छापता है एक रुपये का नोट
बहुत से लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है कि भारतीय एक रुपये के नोट (one rupee notes updates) को वित्त मंत्रालय जारी करता है।इस वजह से एक के नोट पर गवर्नर का नहीं, बल्कि वित्त सचिव का साइन होता है। 1 रुपये की मुद्रा को सिक्का माना जाता है, जबकि 1 रुपये के नोट के अलावा बाकी की जिम्मेदारी रिजर्व बैंक के पास होती है। जानकारी के लिए बता दें कि RBI की ओर से सिर्फ 2 रुपये, 5 रुपये, 10 रुपये, 20 रुपये, 50 रुपये, 100 रुपये, 200 रुपये, 500 रुपये और 2000 रुपये जैसे सभी करेंसी नोट को जारी किया जाता है। वहीं, 1 रुपये का नोट और सभी सिक्के वित्त मंत्रालय की ओर से जारी किए जाते हैं।
कितनी भाषा में लिखी हेाती है प्राइस
भारतीय करेंसी देश की भाषाई डाइवर्सिटी का एक अलग तरीका है। दरअसल, भारतीय करेंसी (Indian currency news) के हर एक नोट पर हिंदी और अंग्रेजी के साथ ही 15 अलग-अलग भाषाओं में नोट की कीमत के बारे में विस्तार में लिखा होता है। नोट के आगे की ओर हिंदी और अंग्रेजी दिखाई देती हैं, वहीं, नोट के पीछे असमी, बंगाली, गुजराती, तमिल, तेलुगु, उर्दू समेत कुल 17 भाषाओं में प्राइस अंकित रहता है।
किन नोटों को जमा कर लेता है बैंक
ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि फटा या खराब नोट बेकार हो जाता है, लेकिन ये गलत है। RBI की गाइडलाइंस (RBI guidelines in indian note) से यह क्लियर है कि अगर नोट का लगभग 51 प्रतिशत हिस्सा भी सेफ है, तो उसे बैंक ब्रांच में बदलवाया जा सकता है। इस वजह से अगर नोट पूराना होता है या फिर गंदा हो या आधे से ज्यादा फटा हो तो आप उसे बैंक में जमा कर नया नोट ले सकते हैं।
कब छापे गए थे 5,000 और 10,000 के नोट
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय मुद्रा के इतिहास (history of indian currency) में 10,000 रुपये तक के नोट भी एक बार चलन में थे। RBI की ओर से पहली बार 1938 में 5 रुपये के नोट (5 Rupees Note Itihas) के अलावा 10, 100, 1,000 और 10,000 रुपये के नोट को भी जारी किया गया था और बाद में 1946 में 1,000 और 10,000 के नोट को बंद कर दिया गया, लेकिन 1954 में इन्हें दोबारा प्रिंट किया गया और उसके बाद फिर 5,000 रुपये का नोट (5000 Rupees Note) भी लाया गया। उसके बाद फिर 1978 में ब्लैक मनी पर प्रतिबंध लगाने के लिए 5,000 और 10,000 के नोट को बंद कर दिया गया ।
