आज हम आपको एक ऐसे किसान के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने एक समय में पारंपरिक खेती को छोड़कर प्राकृतिक खेती की ओर रुख किया है। आपको बता दे की अब गुजरात के कई किसान इसी किसान की तरह रासायनिक खेती न करके प्राकृतिक खेती में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। प्राकृतिक खेती एक ऐसी खेती है जिससे शुद्ध फल सब्जियां प्राप्त होती है।
साथ ही उसमें खर्चा भी कम आता है और मुनाफा ज्यादा होता है। जिसके चलते आज के समय में प्राकृतिक खेती की फसलों की ज्यादा डिमांड मार्केट में देखने को मिल रही है। आइए इस किसान की सफलता के बारे में विस्तार से बताते हैं।
किसान सोलंकी विनुभाई
हम जिस किसान के बारे में बात कर रहे हैं वह भावनगर जिले के जेसर तालुका के छापरी अली गांव के रहने वाले हैं। इस किसान का नाम सोलंकी विनुभाई है इन्होंने केवल आठवीं क्लास तक पढ़ाई की है। यह किस बहुत लंबे अरसे से खेती करते आ रहे हैं और इन्होंने फिलहाल प्राकृतिक खेती शुरू की है वह पहले पारंपरिक खेती करते थे लेकिन उन्होंने देखा की मार्केट में नींबू को अच्छे दाम मिलते हैं। जिसके चलते उन्होंने नींबू की खेती करने का निश्चय किया।
किसान कर रहा नींबू की खेती
आपको बता दे कि यह किसान फिलहाल प्राकृतिक खेती कर रहा है और इसमें कागदी किस्म के 40 नींबू के पौधे लगाए हैं जिससे वह लगभग 60 हजार रुपए तक की कमाई कर लेते हैं।
नींबू की खेती से कमाई
आपको बता दे कि यह किसान किसी प्रकार के रासायनिक खादों और दवाओं का इस्तेमाल नहीं करते हैं। यह किसान पूरी तरह से प्राकृतिक खेती करते हैं। आपको बता दे कि यह देखभाल के समय केवल अच्छादन और जीवामृत के साथ घन जीवामृत जैसे खादो का इस्तेमाल करते हैं। आपको बता दे की 1 किलो नींबू यह लगभग मार्केट में 150 से 170 रुपए तक बेच देते हैं। इन नींबू से इनको लगभग 60000 रुपए तक की कमाई हो जाती है।