सिक्ख धर्म में लोहड़ी का त्यौहार बड़े धूम धाम के साथ में मनाया जाता है इसके अगले दिन मकर सक्रांति का पर्व होता है यह पर्व पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में मुख्य रूप से मनाया जाता है इस बार यह पर्व कब मनाया जा रहा है तो आइए जान लेते है इससे जुडी हुई सभी जानकारी।
लोहड़ी का क्या है अर्थ
लोहड़ी में ‘ल’ का अर्थ है लकड़ी, ओह का अर्थ उपले, और ड़ी का मतलब रेवड़ी है। इन तीनों को मिलाकर बना है लोहड़ी। इस पर्व पर घर-परिवार और समाज के लोग एक जगह इकट्ठा होकर लकड़ी और उपले से अग्नि जलाते हैं। इसमें गुड़, मक्का, तिल आदि चीजें डालते हैं । कहा जाता है कि ऐसा करने से अग्नि देव खुश होते हैं।
लोहड़ी पर होती है अग्निदेव की पूजा
आपको बता दें कि लोहड़ी पर श्रीकृष्ण और अग्निदेव की पूजा होती है। इस दिन शाम को किसी साफ-सुथरी जगह पर श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापित की जाती है फिर उन्हें फूल माला चढ़ाएं। और तिलक लगाए। इसके बाद घी का दीपक जलाएं. इसके बाद भोग लगाएं। फिर आप आग जलाएं और इसमें तिल, सूखा नारियल, मक्के के दाने अग्नि में डाले, अब आप अग्नि की 7 बार परिक्रमा करिए। इससे घर में सुख -शांति बनी रहती है। यह पर्व इस बार 14 जनवरी यानि मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाएगा।