LPG Booking Time Period : एलपीजी की किल्लत की खबरों के बीच गांव वालों के लिए एक बहुत बड़ी खबर आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गांवों में अब बुकिंग का समय लगभग दौगुना कर दिया गया है। सिलेंडर बुकिंग (Cylinder Booking Rules For Villagers) के मामले में अब ग्रामीणों को और ज्यादा समय तक इंतजार करना पड़ेगा।
गांव वालों के लिए सिलेंडर बुकिंग के टाइम पीरियड में बड़ा बदलाव कर दिया गया है। जहां एक तरफ लोग सिलेंडर के लिए लाइन में लगे नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अब गांव वालों के लिए ऑटोमेटिक टाइम पीरियड में बड़ा बदलाव किया गया है। इससे गांव वालों को अब पहले से तीन गुणा तक ज्यादा समय बाद सिलेंडर मिलेगा।
क्यों लिया गया फैसला
मीडिया में दावा किया जा रहा है कि मिडिल ईस्ट के तनाव के चलते यह फैसला लिया गया है। वहां के युद्ध का असर सीधा भारतीय रसोई तक पहुंच गया है। एक तरफ गैस की सप्लाई में अनिश्चितता बनी हुई है तो दूसरी तरफ एलपीजी सिलेंडर बुकिंग (LPG cylinder booking) के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब गांवों व शहरों के लिए बुकिंग का अलग-अलग समय तय किया गया है।
कितने दिन बाद भरवा सकेंगे सिलेंडर
सरकार की तरफ से जहां एक तरफ दावा किया जा रहा है कि पर्याप्त गैस है, तो वहीं दूसरी तरफ अफरातरफी के माहौल में बीच लगातार नियम बदल रहे हैं। पहले दो बुकिंग के बीच में 15 दिन का समय था, पहले इसे बढ़ाकर 21 किया फिर 25 दिन कर दिया। परंतु, अब गांवों (Cylinder booking new rules for villages) के लिए इसको बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है। जबकि शहरों के लिए 25 दिन का गैप ही चलेगा।
क्या है इस बदलाव का कारण
दावा किया जा रहा है कि सरकार ने यह नियम इसलिए बदले हैं, क्योंकि हाल के दिनों में गैस की कमी की अफवाहों के कारण लोग जरूरत से पहले ही सिलेंडर बुक करने लगे थे। रिपोर्ट आई कि जो उपभोक्ता आम तौर पर 55 दिनों में सिलेंडर बुक करते थे, वे 15 दिन के अंतराल (LPG booking rules for village) में बुकिंग करने लगे। इससे जमाखोरी व कालाबाजारी की आशंका बढ़ गई। इसके लिए ही अब बुकिंग के समय में बदलाव का फैसला लिया है। इससे सप्लाई का सिस्टम अचानक से प्रभावित नहीं होगा।
गैस सप्लाई पर असर
हाल ही में यूएसए और इजराइल की तरफ से ईरान पर हमला किया गया। इसका असर समुद्री रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य पर पड़ा। वहां से ईरान की ओर से सप्लाई को ठप कर दिया गया, जिससे गैस सप्लाई भी प्रभावित हुई है। बता दें कि भारत अपनी करीब 60% LPG जरूरत आयात से पूरी करता है, इसमें से लगभग 90% गैस होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते से आती है। यहां का असर बाजार पर पड़ रहा है।
उत्पाद में किया गया इजाफा
पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि घरेलू गैस की फिलहाल कोई कमी नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर सिलेंडर बुक न करें। घरेलू रिफाइनरी कंपनियों ने एलपीजी उत्पादन 25% तक बढ़ाया है। इसके अलावा भारत ने कच्चे तेल और गैस के लिए वैकल्पिक स्रोतों से भी सप्लाई सुनिश्चित कर ली है। सरकार की तरफ से घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों को मिलने वाली LPG और LNG की आपूर्ति में कटौती की गई है।
